उन्नाव दुष्कर्म कांड: मार्मिक चिट्ठी पर बोली पीड़िता – सेंगर की बेटी मेरी बहन…वह मेरा भी दर्द समझें

Spread the love

 

न्नाव जिले में पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की छोटी बेटी की एक्स पर पोस्ट की गई मार्मिक चिट्ठी और बड़ी बेटी की ओर से दुष्कर्म के आरोप को गलत बताने पर पीड़िता ने सवाल उठाया है। कहा कि आरोप को गलत बताने वाली सेंगर की बेटी मेरी बहन जैसी हैं, लेकिन वह मेरा दर्द भी समझें। पीड़िता ने फोन पर कहा कि सेंगर की दोनों बेटियों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुझ पर कई आरोप लगाए।

 

झूठा भी बताया, लेकिन वह इसका बुरा नहीं मानती हैं। सेंगर की दोनों बेटियों को वह बहन मानती हैं लेकिन जिस समय सेंगर ने मेरे साथ गलत किया क्या वह गांव में थीं। कहा कि सेंगर की बेटी कह रही है कि पिता के मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल पर नहीं थी। सवाल किया कि गांव से उन्नाव शहर की दूरी ही कितनी है। कोई भी घटना कर 20 मिनट में शहर पहुंच सकता है। कहा कि जब हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित की थी। 

दो हफ्ते बाद सेंगर के वकील रखेंगे पक्ष
उसके समर्थक पटाखे जला रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने सजा निलंबन पर रोक लगाई तो आरोप लगाकर मुझे घेरा जा रहा है। कहा कि वह भी पठाखे छुड़ाएंगी लेकिन पूरा न्याय मिलने के बाद। अभी तो सुप्रीमकोर्ट ने केवल सजा निलंबित करने के फैसले के अमल पर रोक लगाई है। दो हफ्ते बाद सेंगर के वकील पक्ष रखेंगे। उसके दो हफ्ते बाद सीबीआई के वकील और वह अपना पक्ष रखेगी। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है, न्याय मिलेगा।

और पढ़े  शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क के सदस्यों को आतंकी घोषित किया जाए, UP पुलिस ने गृहमंत्रालय से की सिफारिश

सोशल मीडिया पर आमने-सामने दोनों के समर्थक
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से हाईकोर्ट के फैसले के अमल पर रोक लगाने का फैसला सुनाए जाने के बाद से सोशल मीडिया पर दोनों पक्ष के लोगों और समर्थकों के बीस आरोप और बचाव के पोस्ट की भरमार है। सोशल मीडिया पर पीड़िता और चाचा के बीच मेडिकल से कराने से पहले की गई बातचीत के अलावा पीड़िता के चाचा व कुलदीप सेंगर के बीच हुई बातचीत की पुरानी कॉल रिकार्डिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं।

पहले एक थे दोनों परिवार
पीड़िता का कहना है कि अगर सेंगर ने उसके साथ गलत न किया होता तो वह भी आम बेटियों की तरह सामान्य जिंदगी जीती। बताया कि मेरे ताऊ शुरुआत से ही कुलदीप की सुरक्षा से लेकर सभी काम करते थे। दोनों परिवारों में मनमुटाव तब शुरू हुआ जब 1990 के पंचायत चुनाव में ताऊ (अब मृतक) ने बीडीसी का चुनाव लड़ा था। सेंगर ने यह कहकर चुनाव लड़ने से रोका कि गांव में एक ही नेता रहेगा। उनके विरोध के बाद भी ताऊ ने चुनाव जीता। इसके बाद चाचा ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा लेकिन वह जीत नहीं पाए थे।


Spread the love
  • Related Posts

    योगी सरकार का बेटियों को तोहफा, 50 हजार छात्राओं को देगी स्कूटी, CM ने किया एलान

    Spread the love

    Spread the loveमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा एलान किया है। योगी सरकार प्रदेश की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देगी। बुधवार को लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘लोकमाता अहिल्याबाई…


    Spread the love

    चुनाव से पहले सपा का एलान: सरकार बनने पर महिलाओं के लिए शुरू होगी स्त्री सम्मान समृद्धि, सालाना मिलेंगे 40,000

    Spread the love

    Spread the love उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने महिलाओं को रिझाने के लिए बड़ा एलान किया है। यूपी में सपा की सरकार बनने पर ‘स्त्री सम्मान समृद्धि…


    Spread the love