UP- अग्निकांड में नया मोड़: सोने के जेवर गायब…गैस कंपनी ने खंगाला घर, जलने से मां, दम घुटने से बेटों की मौत

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मुजफ्फरनगर में वसुंधरा रेजीडेंसी के मकान में आग लगने और परिवार के तीन लोगों की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। सहारनपुर से पहुंची भारत पेट्रोलियम कंपनी की टीम ने करीब एक घंटे तक छानबीन की। सिलिंडर फटने और आग की वजह जानने का प्रयास किया गया। उधर, भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मकान से सोने के जेवर गायब हैं।

भारत पेट्रोलियम एलपीजी सहारनपुर रेंज के प्रभारी कृष्ण गुप्ता ने तीन सदस्यीय टीम के साथ वसुंधरा रेजीडेंसी स्थित काननूगो के मकान का निरीक्षण किया। टीम ने पूरे मकान में घूम कर एक घंटे तक जांच पड़ताल की। सिलिंडर और जले सामान की जांच की। यह टीम आपूर्ति विभाग की सूचना पर जांच के लिए पहुंची थी।

 

भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने एसएसपी संजय कुमार वर्मा से शिकायत की है कि कानूनगो के मकान में आग लगी, जिसे दमकल विभाग टीम ने बुझाया था। मकान में प्लास्टिक के डिब्बे में चांदी का एक दो जेवर रखा मिल गया है, जबकि सोने का एक भी जेवर नहीं मिले।

 

पिता की जगह नौकरी, प्रोन्नत होकर बने थे कानूनगो
शामली के बड़ा बाजार निवासी राम मोहन गौड़ का लगभग 23 साल बीमारी के कारण निधन हो गया था। वह शामली तहसील में अमीन थे। उनके बाद बड़े बेटे अमित गौड़ को अमीन की नौकरी मिल गई। वह पहले बुढ़ाना फिर सहारनपुर के बेहट में तैनात रहे। 

कानूनगो पद पर प्रोन्नत हुए और अब देवबंद तहसील में नियुक्त थे। बीमारी के कारण इन दिनों घर पर ही रहे थे। राममोहन गौड़ की पेंशन से ही सुशीला और उनके बेटे नितिन का गुजारा चलता था।

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जलने से सुशीला, दम घुटने से भाइयों की मौत
वसुंधरा रेजीडेंसी में हुए हादसे से हर कोई गमजदा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तीनों की मौत की वजह स्पष्ट हो गई। सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि सुशीला की मौत अधिक जलने की वजह से हुई, जबकि कानूनगो अमित और उनके भाई नितिन की मौत की वजह धुएं में दम घुटना आया है। अधिक धुएं के कारण वह कमरे से बाहर नहीं निकले और बुजुर्ग महिला आग से अपना बचाव नहीं कर पाईं।

 

मुजफ्फरनगर में दर्दनाक हादसा
मुजफ्फरनगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की वसुंधरा रेजीडेंसी के एक मकान में रसोई गैस के दो सिलिंडर में धमाके के साथ आग लग गई। जलने और दम घुटने से देवबंद तहसील के कानूनगो अमित गौड़ (47) उनके भाई नितिन गौड़ (45) और मां सुशीला (70) की मौत हो गई। बचाव के लिए पहुंचे पड़ोसी आदित्य राणा आग की चपेट में आकर झुलस गए।
हादसे के समय कानूनगो की पत्नी और बेटी घर पर नहीं थे। कानूनगो अमित गौड़ की तैनाती सहारनपुर की देवबंद तहसील में थी। करीब दो महीने से वह परिवार के साथ मुजफ्फरनगर की वसुंधरा रेजीडेंसी में कुटबा निवासी अरविंद कुमार के मकान के द्वितीय तल पर किराये पर रह रहे थे। सोमवार की शाम अमित अपने भाई नितिन के साथ ठंड से राहत पाने के लिए अंगीठी जलाकर एक कमरे में बैठे थे। दूसरे कमरे में मां सुशीला टीवी देख रही थीं। इस दौरान धमाके के साथ घर में आग लग गई।
पत्नी और बेटियां कुत्ते को घुमाने गई थीं
अमित की पत्नी ऋचा और बेटी अक्षिका (21) व आराध्या (14) पालतू कुत्ते को लेकर कॉलोनी में घुमाने के लिए चली गईं। कुछ देर बाद मकान से धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने मोबाइल के जरिए उन्हें जानकारी दी। ऋचा और उनकी बेटियां वापस मकान की तरफ दौड़ीं लेकिन घर पहुंचने से पहले ही दो बार धमाका हुआ और भीषण आग लग गई।
घर में घुसने के प्रयास में ऋचा के हाथ में चोट लग गई। आसपास के लोगों ने उन्हें मकान से दूर हटाया। इस बीच आसपास के लोग एकत्र हो गए। दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आग पर नियंत्रण के बाद टीम ने मकान से तीन शवों को निकाला। एक कमरे में अमित और नितिन के शव थे जबकि दूसरे कमरे में मां सुशीला का शव मिला।

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