फतेहपुर जिले में करीब छह साल पहले अपहृत युवती की कोई जानकारी न मिल पाने पर सीबीआई ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। सीबीआई ने अदालत को पूरे घटनाक्रम की विवेचना में बताया कि अब इसके आगे न विवेचना हो सकती है और न ही तलाश की जा सकती है। इसी आधार पर आठ पेज की करीब 30 बिंदुओं पर क्लोजर रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट इलाहाबाद और जिला न्यायालय में दाखिल की गई है।








