ब्राह्मणों को साधने में जुटीं मायावती, जय श्रीराम के नारे के साथ किया UP में चुनाव अभियान का आगाज

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ब्राह्मणों को साधने में जुटीं मायावती ने मंत्रोच्चार और जय श्रीराम के नारे के बीच किया UP में चुनाव अभियान का आगाज बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को सुरक्षा मुहैया कराने और उनका विकास सुनिश्चित करने का वादा किया, साथ ही घोषणा की कि वह अब कोई नया पार्क या स्मारक नहीं बनवाएंगी
बसपा सुप्रीमो मायावती मंगलवार को लखनऊ में प्रबुद्ध जन सम्मेलन में |

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लखनऊ स्थित मुख्यालय में मंगलवार को पार्टी प्रमुख मायावती के प्रबुद्ध जन सम्मेलन को संबोधित करने से पहले पुजारियों ने संस्कृत श्लोक पढ़े और शंख ध्वनि की, जबकि वहां मौजूद भीड़ ने पूरी जोरदारी से ‘जय श्रीराम’ और ‘हर हर महादेव’ का उद्घोष किया.

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य में विकास पर ध्यान केंद्रित करने और ब्राह्मणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का वादा किया. उसने यह घोषणा भी की कि अब कोई नया पार्क या स्मारक नहीं बनाया जाएगा.

यूपी की आबादी में लगभग 10 फीसदी हिस्सेदारी वाले ब्राह्मण समुदाय तक पहुंचने की उनकी कोशिश को इस समुदाय को लुभाने की उनकी नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका समर्थन बसपा को 2007 के विधानसभा चुनाव में बहुमत के साथ सत्ता में पहुंचाने में सहायक रहा था.

मंगलवार को आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मेलन मुख्य तौर पर ब्राह्मणों और साधु-संतों पर केंद्रित था जिन्हें मंत्रोच्चार के लिए पार्टी मुख्यालय आमंत्रित किया गया था.

ब्राह्मणों की सुरक्षा प्राथमिकता में शामिल
मायावती ने मंगलवार को ब्राह्मण समुदाय से जो वादे किए उनमें सबसे अहम यही था कि उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी.
उन्होंने कहा, ‘ब्राह्मण य़ह बात मानते हैं कि भाजपा के राज की तुलना में बसपा के शासनकाल में समुदाय के लोग बेहतर स्थिति में थे. अगर हम अगले चुनाव में सत्ता में आए तो मैं ब्राह्मण समुदाय को विश्वास दिलाती हूं कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.
उन्होंने कहा कि 2007 की तरह ही अगर ब्राह्मणों ने उनकी पार्टी का समर्थन किया, तो वह बहुमत के साथ सरकार बनाएंगी.
उन्होंने पार्टी नेताओं को यह सुनिश्चित करने का जिम्मा भी सौंपा है कि वे हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 1,000 ब्राह्मण कार्यकर्ता तैयार करेंगे, खासकर आरक्षित सीटों पर.

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मायावती ने कहा, ‘अगर ब्राह्मण समुदाय दलितों का साथ देता है और किसी प्रलोभन या बहकावे में नहीं आता है तो कोई भी ताकत हमें 2007 की तरह यूपी में बहुमत की सरकार बनाने से नहीं रोक सकती.’

उन्होंने आगे कहा कि दलित हमेशा से ही बसपा के साथ ‘ठोस चट्टान’ की तरह खड़े रहे हैं, और यह समुदाय कभी भी किसी चीज से प्रभावित नहीं होता.

उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है कि भाजपा से जुड़े अन्य समुदाय भी ऐसा करेंगे.’

पार्क नहीं, सिर्फ विकास पर फोकस
मायावती ने अपने भाषण में राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करने का वादा किया, न कि पार्कों और स्मारकों पर, जिस मुद्दे को लेकर उन्हें पूर्व में कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है.

उन्होंने कहा, ‘हमें उन लोगों के नाम पर कोई नया स्मारक या पार्क बनाने की ज़रूरत नहीं है जो हमारे मार्गदर्शक थे—अपने पहले ही कार्यकाल में हमने इन्हें थोक के भाव में बनवा दिया है. हम फिर सत्ता में आए तो मैं मूर्तियों या स्मारकों या पार्कों पर ध्यान केंद्रित नहीं करूंगी बल्कि अपनी पूरी क्षमता के साथ राज्य के शासन पर ध्यान दूंगी.’

मायावती ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उस टिप्पणी को लेकर तंज भी कसा जिसमें कहा गया था कि हिंदुओं और मुस्लिमों का डीएनए एक ही है.
मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि एक ही है तो आर एस एस की बीजेपी हर स्तर पर मुसलमानों के साथ सौतेला रवैया क्यों अपना रही है
उन्होंने सवाल उठाया, ‘संघ और भाजपा अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को गोद लिया गया जैसा क्यों मान रहे हैं?’ साथ ही कहा कि उनकी पार्टी किसी भी वर्ग के साथ कोई भेदभाव नहीं करेगी.

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उन्होंने कहा, ‘जब हम 2022 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे, तो हम सर्वजन हिताए सर्व जन सुखाय की अपनी नीति लागू करेंगे, जैसा हमने 2007 में किया था.’

उन्होंने कहा, ‘हमने हमेशा न केवल दलितों और पिछड़ों के हितों की रक्षा की है बल्कि सवर्ण जातियों के लोगों का भी ख्याल रखा है. हमारी पार्टी किसी एक जाति या धर्म के लिए नहीं है. यह समाज के सभी वर्गों की पार्टी है.’
बसपा के इस कार्यक्रम में सीतापुर, बाराबंकी, लखनऊ और हरदोई सहित कई शहरों के साधु-संतों ने भी हिस्सा लिया.
उन्होंने मायावती के पक्ष में ‘हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा विष्णु महेश है’, ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी चलता जाएगा’ जैसे नारे भी लगाए.
बसपा महासचिव और ब्राह्मण सम्मेलन का चेहरा सतीश मिश्रा ने भी ब्राह्मण समुदाय के लिए पार्टी के योगदान का जिक्र किया.
पार्टी की तरफ से उनकी पत्नी कल्पना मिश्रा को राज्य भर में बैठकों के जरिए ब्राह्मण महिलाओं से संपर्क साधने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्होंने 23 जुलाई को अयोध्या से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की थी.
कार्यक्रम के बाद बसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया ने दावा किया कि पार्टी 2022 का विधानसभा चुनाव अवश्य जीतेगी.
उन्होंने कहा, ‘बहनजी फिर से फॉर्म में लौट आई हैं. अब हमें सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता. यूपी में त्रिकोणीय मुकाबला है और ऐसे में ब्राह्मण, मुस्लिम और दलित बसपा का समर्थन करेंगे. हमारा पुराना फॉर्मूला हमारी चुनाव जीत में मददगार होगा.’


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