प्रदेश सरकार का फैसला पीएचसी और सीएचसी में होगी कोरोना जांच

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में रैपिड एंटीजन टेस्ट से कोरोना संक्रमण की जांच की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सरकार ने यह फैसला लिया है। शुक्रवार को सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। 

प्रदेश में मैदानी जिलों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड जांच की सुविधा काफी कम है। मैदानों में सरकारी और निजी पैथोलॉजी लैब में कोविड जांच की आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच की सुविधा की जा रही है।
जबकि कई पर्वतीय जिलों में कोविड जांच के लिए लैब नहीं है। कोरोना की दूसरी लहर में ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र और आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के बाद सरकार ने सीएचसी और पीएचसी में रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने का फैसला लिया है। 

सचिव स्वास्थ्य ने जारी आदेश में सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को सीएचसी व पीएचसी स्तर पर एंटीजन टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में अभी सीएचसी और पीएचसी में कोविड जांच की सुविधा नहीं थी। प्रदेश में सीएचसी की संख्या 81 है। जबकि 526 पीएचसी ए श्रेणी और 52 पीएचसी बी श्रेणी के हैं।

और पढ़े  नैनीताल: पोषण की कम़ी से नहीं बढ़ रही नौनिहालों की लंबाई, आंगनबाड़ी के बच्चों की लंबाई-वजन पर चिंता
  • Related Posts

    नैनीताल: पोषण की कम़ी से नहीं बढ़ रही नौनिहालों की लंबाई, आंगनबाड़ी के बच्चों की लंबाई-वजन पर चिंता

    नैनीताल जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों के शारीरिक विकास के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। अगस्त की पोषण ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, पांच वर्ष तक के 44,224 बच्चों की…

    चमोली: हेमकुंड साहिब के बाद शीतकाल के लिए बंद हुए लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट, हुई बर्फबारी

    हेमकुंड साहिब के बाद आज नवरात्रि के पावन अवसर पर लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी शीतकाली के लिए बंद हो गए हैं। सुबह 7.15 मिनट पर मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ…