ऑक्सीजन टैंकरों में लगा व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, कहां पहुंचा ऑक्सीजन टैंकर बैठे-बैठे लगेगा पता पढ़ें पूरी खबर.

संक्रमण में जितनी तेजी से ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ी है, उसी हिसाब से इसकी सभी अस्पतालों तक सप्लाई भी बड़ी चुनौती बनी है।

चुनौती को आसान बनाने के लिए परिवहन विभाग ने सभी ऑक्सीजन टैंकरों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटी) लगा दिए हैं। जिससे अफसरों को दफ्तर में बैठे-बैठे ही पता चल जाएगा कि ऑक्सीजन का टैंकर कहां पहुंच गया है और कहां नहीं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ऑक्सीजन कंटेनर, टैंकर और वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया है। जीपीएस ट्रैकिंग इन टैंकरों की उचित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, इसके अलावा इससे ये भी सुनिश्चित होगा कि कहीं कोई डायवर्जन या देरी तो नहीं है
आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी ने बताया कि ऑक्सीजन टैंकरों से समयबद्ध ऑक्सीजन सप्लाई पर नजर बनाए रखने के लिए ही वीएलटी लगाए गए हैं। टैंकरों को रियल टाइम ट्रैक करने के लिए एक सिस्टम विकसित किया गया है।

सैटेलाइट से ट्रैक हो रहे टैंकर
प्रदेश में लगातार ऑक्सीजन की सप्लाई सभी जिलों को की जा रही है। सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं के लिए परिवहन विभाग की पूरी टीमें तैनात की हैं, जो हर वक्त ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले टैंकरों पर नजर बनाए हुए हैं।

परिवहन सचिव रंजीत सिन्हा को ऑक्सीजन सप्लाई का नोडल अधिकारी बनाया गया है। सैटेलाइट के माध्यम से सभी जिलों में जाने वाले ऑक्सीजन टैंकरों को ट्रैक किया जा रहा है

और पढ़े  चमोली: कर्णप्रयाग में मूसलाधार बारिश से सुभाषनगर में आया मलबा, पेड़ गिरने से खतरे की जद में मकान और दुकानें
  • Related Posts

    पौड़ी- विकासखंड थलीसैंण के दूरस्थ मजरा महादेव पहुंचीं DM, तहसील दिवस में 175 से अधिक शिकायतों पर मौके से तय हुई कार्रवाई

          दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न आना पड़े, इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता…

    गड़बड़- उत्तराखंड में तबादलों के लिए शिक्षिकाएं ले रहीं कागजी तलाक, मामलों के खुलासे पर बैठी जांच

    शिक्षा विभाग में सुगम क्षेत्रों में तबादला पाने के लिए शिक्षिकाएं कागजी तलाक का सहारा ले रही हैं। यह मनचाही तैनाती पाने का तरीका है। हाल ही में हुए 1500…