कोरोना संक्रमण के बीच एक और घातक बीमारी ब्लैक फंगस 2 हजार ने संक्रमित

Spread the love

महाराष्ट्र राज्य के स्वास्थ्यमंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार को बताया कि सूबे में अब तक दो हजार लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित होने के बाद राज्य में ब्लैक फंगस की बीमारी तेजी से बढ़ी है जिससे अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित जो मरीज मधुमेह से पीड़ित हैं उनमें अधिकांश लोगों को म्यूकॉरमायकोसिस के लक्षण दिखाई दिए हैं। टोपे ने कहा कि एमपी-एम्पोथेरिसीन ब्लैक फंगस की दवा है जो हर जगह उपलब्ध है। पहले इसकी कीमत ढाई हजार रुपये थी। लेकिन मांग बढ़ने से इसकी कीमत 6 हजार रुपये हो गई है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ब्लैक फंगस रोगियों को महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत मुफ्त उपचार देने का फैसला किया है। साथ ही, ब्लैक फंगस रोगियों के लिए अस्पताल में अलग वार्ड बनाए जा रहे हैं।
ब्लैक फंगस उपचार के लिए हॉफकिन इंस्टीट्यूट को एक लाख इंजेक्शन का ऑर्डर
राज्य में म्यूकॉरमायकोसिस रोग के उपचार के लिए उद्धव ठाकरे सरकार ने मुंबई के हॉफकिन इंस्टीट्यूट को 1 लाख इंजेक्शन तैयार करने का आर्डर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने बताया कि ब्लैक फंगस का त्वरित इलाज आवश्यक है। इसलिए यह ऑर्डर दिया गया है। इसके अलावा छह कंपनियों को तीन लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन का आर्डर दिया गया है। इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।


Spread the love
और पढ़े  बंगाल के CM बने शुभेंदु, 5 नेता मंत्री बने, मंच से PM MODI का बंगाल की जनता को दंडवत प्रणाम
  • Related Posts

    पीएम मोदी बोले- पेट्रोलियम उत्पादों का संयम से करें इस्तेमाल’, इससे विदेशी मुद्रा की होगी बचत

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम एशिया में चल रहे भारी तनाव और युद्ध के माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बहुत बड़ी अपील की है। रविवार को तेलंगाना…


    Spread the love

    बांग्लादेश HC ने हिंदू साधु चिन्मय दास की जमानत याचिका खारिज की, हत्या मामले में जारी रहेगा ट्रायल

    Spread the love

    Spread the loveबांग्लादेश में हिंदू संत ब्रह्मचारी चिन्मय कृष्ण दास को बड़ा झटका लगा है। देश के हाईकोर्ट ने रविवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *