उत्तराखंड/चमोली : गौ वंश में खुर पका व मुंह पका रोग। अनदेखी से तोड़ रहे हैं दम।

इंसान कितने स्वार्थी और क्रुर होते जा रहे हैं।इसका जीता जागता उदाहरण तब देखने को मिल जाते है जब हमें आम सड़कों पर वे गौ वंश आवारा घूमते हुए दिख जाते हैं जो कभी इंसानों के घर के शान रहें होते हैं।साथ ही हिंदू धर्म में यह गौ वंश शुभ के संकेत भी माने जाते हैं।दुध दही घी और खेतों में अन्न उगाने में यह सारी उम्र भर इंसान का साथ देकर पालते पोसते हैं लेकिन जब यही गौ वंश इंसान को लाभ देने में असर्मथ हो जाते हैं तो स्वार्थी और क्रुर इंसान इन्हीं गौ वंश को सड़कों पर दर दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया करते हैं।इसकी एक बानगी जिला चमोली के गौचर नगर में आवारा गौ वंश के रखरखाव के लिए बनी कृष्णा गौ सेवा समिति के गौ सदन में गायें बिन रख रखाव के खुर पका व मुँह पका बीमारी के कारण दम तोड़ रही है।

पशुओं में इतनी बड़ी बीमारी के वावजूद न तो पशुपालन विभाग इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही गौ सेवा समिति। मीडिया के हस्तक्षेप के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आया और कार्यवाही की बात कहने लगा ।
हिन्दू धर्म मे गाय को पूजा जाता है । शादी विवाह हो या कोई भी मांगलिक कार्य गोदान के बगैर वह कार्य पूरा नही माना जाता है । इतना ही नही गाय के नाम पर तमाम पार्टियां व धर्म के ठेकेदार राजनीति कर सत्ता हासिल करते है लेकिन आज गौ माता की सुध लेने वाला कोई नही है । गाय जबतक दूध देती है तब तक को उसकी खूब सेवा की जाती है लेकिन जैसे ही गाय दूध देना बन्द करती है तो लोग गाय को सड़कों मे छोड़ देते है । तब वह आवारा कहलाई जाती है । शहरों में आवारा घूम रहे गौ वंशों की रेखदेख के लिए गौचर में कृष्णा सेवा समिति द्वारा बनाया गया गो सदन आज बदहाली के आंसू बहा रहा है । यहां रह रही गाय खुर पका और मुँह पका बीमारी से दम तोड़ रही है ।

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नगर पालिका गौचर की अध्यक्ष अंजू बिष्ट ने कहा कि गायों का रखरखाव ठीक से न होने के कारण गायें दम तोड़ रही है। हमारे संज्ञान में मामला आने के बाद नगर पालिका द्वारा पशु चिकित्सकों को बुलाकर पशुओं का उपचार किया जा रहा है।

गौचर में आवारा गौ वंशो की रेखदेख के लिए बनी कृष्णा गौ सेवा समिति के प्रभारी अनिल नेगी ने कहा कि बीते 12 वर्षो से यह समिति पशुओं की देखरेख रह रही है । खुरपका बीमारी चल रही है । इसकी रोकथाम के लिए पशु चिकित्सक बुलाये गये है । पशुओं का उपचार किया जा रहा है ।

गौ वंश में बीमारी फैलने के बाद मीडिया के हस्तक्षेप पर पशु चिकित्सक अब कार्यवाही की बात करने लगे है । पशु चिकित्सक क्या कह रहे है अब आप भी सुनियेगा।

*एफवीओ /* हिन्दू धर्म मे गाय को पूजा तो जाता है लेकिन जब इसकी सेवा का मौका आता है तो तब इसे सड़क पर छोड़ा जाता है । गाय को लेकर तमाम पार्टियां राजनीति भी करती है लेकिन गाय के संरक्षण के लिए आज तक कोई ठोस नीति नही बन पाई है । यही कारण है कि आज गौ वंश सड़क पर ही दम तोड़ने को मजबूर है। सरकारों को चाहिए कि गौ माता के संरक्षण के लिए कुछ ऐसा कार्य किया जाय जिससे गायों की सही से रेखदेख की जा सके । ताकि उन्हें इस तरह की बीमारी से बचाया जा सके ।

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