उत्तराखंड : आरटीपीसीआर जांच की कमी होने के कारण कम तो नहीं हो गए केस ?….

आरटीपीसीआर जांच की कमी के कारण कहीं कोविड के केस राज्य और कुमाऊं में कम तो नहीं होने लगे हैं। एक मई को राज्य के 13 जिलों में कुल 35058 सैंपल लिए गए थे और 5493 पॉजिटिव केस आए थे। 20 मई को राज्य में 24414 लोगों की जांच की गई और 3658 पॉजिटिव केस आए। बीस दिनों के भीतर ही 8644 की जांच कम कर दी गई।

कोविड के लगातार बढ़ रहे केसों के बीच अधिक से अधिक जांच बढ़ाने की बात कही गई थी। तीन दिन पूर्व प्रधानमंत्री ने भी जिलाधिकारियों से बात करके अधिक से अधिक जांच कराने पर जोर दिया था। दूसरी ओर कुछ दिनों पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक ने आदेश जारी कर अधिक से अधिक एंटीजन जांच कराने को कहा था। एंटीजन जांच को कोई भी डाक्टर अधिक महत्व नहीं देते हैं। एंटीजन की जांच में अगर पॉजिटिव आया तो ठीक है मगर निगेटिव आने पर संदिग्ध रहता है। मृत्यु दर की अगर बात की जाए तो एक मई को 1.47 प्रतिशत थी और 20 मई को 1.74 है

अल्मोड़ा 1209 182 1154 163
बागेश्वर 1451 278 661 146
चंपावत 504 93 1270 128
नैनीताल 1708 414 2325 810
पिथौरागढ़ 2102 189 743 135
यूएस नगर 2903 503 3535 503
कोट
एंटीजन जांचें इसलिए अधिक बढ़ाई गई हैं ताकि तत्काल पता चल जाए कि मरीज पॉजिटिव है या निगेटिव। मरीज के निगेटिव आने पर भी संदेह होने की स्थिति में आरटीपीसीआर कराया जा रहा है। पॉजिटिव या निगेटिव जो भी रिपोर्ट आए एहतियात के तौर पर दवाओं की किट दी जा रही है। जांचों के लिए टीमें बढ़ा दी गई हैं। प्रदेश में चार सौ टीमें जांच में लगी हैं।

-डॉ. तृप्ति बहुगुणा, स्वास्थ्य महानिदेशक

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