अयोध्या : राम मंदिर पर फैसला आने के बाद अयोध्या में हर दिन कब्जेदारी के मामले सामने आ रहे हैं।

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अयोध्या धाम ने राम मंदिर पर फैसला आने के बाद अयोध्या में जमीनों को लेकर लगातार कब्जेदारी और आपसी विवाद के मामलों में वृद्वि हो रही है। ताजा मामला जनपद के थाना रौनाही क्षेत्र के मीरपुर काँटे गाँव के एक दिव्यांग की ज़मीन पर दबंगई से कब्जेदारी का मामला सामने आया है।मीरपुर काँटे गाँव के रहने वाले दिव्यांग रामतेज ने आरोप लगाया है कि डाभा सेंभर निवासी राचन्दर से उसने अपनी जमीन बेचने के लिये बात की थी। मामला 31 लाख में तय हो जाने पर उसको रामचन्दर ने बयाना के तौर पर 5-5 लाख के दो चेक फरवरी 2020 में दिये थे बाकी पैसा एक माह के अऔदर देकर जमीन लिखाने की बात कही थी। 16 महीने बीत जाने के बाद भी रामचन्दर न तो बाकी पैसा ही दे रहे थे और न ही जमीन नहीं लिखवा रहे थे। मैंने कई बार उनको कहा अपना बयाना वापस ले लो पर वह नहीं मानें।कुछ दिन पहले थाना रौनाही क्षेत्र के कटरौली गाँव निवासी रामतीरथ ने फोन करके अयोध्या बुलाया। जहाँ रामचन्दर अपने चार पांच साथियों के साथ आये और मुझे मारने लगे। मारपीट कर एक जगह ले जाकर मुझे एक कमरे यह कहते हुये बंद कर दिया गया कि कल चलकर बैनामा कर देना नहीं तो जान से मार देंगे। अगले दिन वह लोग मुझे लेकर बैंक आफ इंडिया गये जहाँ सारा पैसा उन्होनें खुद निकाला। वहाँ से सीधे लेकर मुझे रजिस्ट्री आफिस गये ।सारे पेपर और स्टाम्प पेपर पर जबर्दस्ती मेरे अंगूठे का निशान लगवा लिये। बयान के समय उप निबन्धक अ़धिकारी द्वारा पूछे जाने पर मैंने बताया मुझे पैसा नहीं मिला है।जिस पर उन्होनें राम चन्दर को फटकार लगाते हुये पुलिस बुलाने की बात कही गयी।पुलिस का नाम सुनते ही राम चन्दर और उसके साथी वहां से भाग गये और मेरी जान बची। पर वह अब भी लगातार जान से मारने की धमकी देते हुये जमीन उनके नाम लिखने को बोल रहे हैं। अब मैं जमीन बेचना नहीं चाहता। थाना रौनाही से लेकर उच्चाधिकारियों के यहाँ तक मैंने प्रार्थना पत्र दे रखा है पर कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही। मुझे जानोमाल का खतरा बराबर बना हुआ है।

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