अमरनाथ यात्रा :- इस बार भी रद्द हुई अमरनाथ यात्रा, आरती का होगा सीधा प्रसारण .।

Spread the love

अमरनाथ यात्रा इस बार भी नहीं होगी। पिछले साल की तरह छड़ी यात्रा के साथ केवल पारंपरिक पूजन ही होगा। हालांकि, पवित्र गुफा से इस बार भी बाबा बर्फानी की आरती का प्रसारण किया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रा न कराने का सैद्धांतिक फैसला किया है। आम लोगों की पहुंच से बाहर होने के चलते हेलिकॉप्टर से यात्रा का प्रस्ताव भी फिलहाल खारिज कर दिया गया है।

श्राइन बोर्ड से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कोरोना संक्रमण को देखते हुए अमरनाथ यात्रा न कराने का सैद्धांतिक तौर पर फैसला ले लिया गया है। हालांकि, सभी पारंपरिक पूजन पहले ही की तरह होंगे। छड़ी निकलेगी और ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पूजन भी होगा। इस साल श्राइन बोर्ड ने 28 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू कराने का फैसला किया था। पहले दिन उप राज्यपाल एवं अन्य लोग बाबा बर्फानी की पूजा अर्चना करेंगे। 

सूत्रों ने बताया कि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस बार हेलिकॉप्टर सेवा श्रीनगर से ही शुरू किए जाने का विकल्प तलाशा जा रहा था। इसके लिए निविदाएं भी आमंत्रित की गई थीं। इसके लिए 31 मई तक तिथि बढ़ाई गई। इच्छुक कंपनियों का किराया अधिक होने के चलते इस प्रस्ताव को अब खारिज कर दिया गया है। बोर्ड प्रशासन ने बाबा के दर से सुबह-शाम की आरती के लाइव प्रसारण के लिए करार कर लिया है। नियमित रूप से पवित्र गुफा से आरती का प्रसारण होगा। बाबा भोले के  भक्त देशभर से मां वैष्णो की तरह आरती का लाइव प्रसारण देख सकेंगे। 

और पढ़े  2026 चैत्र नवरात्रि आज से शुरू,मां शैलपुत्री की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, भोग, मंत्र, विधि 

उधर, श्राइन बोर्ड के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि इस बार अमरनाथ यात्रा न कराने का फैसला कर लिया गया है। चूंकि, अभी कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा है। इस महीने के आखिर तक संक्रमण दर शून्य प्रतिशत तक होने की उम्मीद है। हवाई यात्रा का विकल्प भी काफी महंगा है। इस वजह से वह भी आम श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी नहीं होगा। इन सब वजहों से यात्रा न कराने का निर्णय किया गया है। इस सब के बावजूद गृह मंत्रालय ने यात्रा कराने के लिए कहा तो प्रशासन इसके लिए पूरी तरह तैयार है। 

बोर्ड ने युद्धस्तर पर शुरू की थीं तैयारियां
इस बार बोर्ड ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू की थीं। उप राज्यपाल और श्राइन बोर्ड के सीईओ की अध्यक्षता में कई बैठकें हो चुकी थीं। अखाड़ा परिषद को भी न्योता देने का फैसला किया गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि इस बार छह लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऑनलाइन यात्रा पंजीकरण भी शुरू किया गया था, लेकिन अप्रैल में संक्रमण बढ़ने पर इसे रोकना पड़ा। उधर, अब तक लंगर समितियों को भी अनुमति नहीं दी गई है। लंगर समितियों के संगठन साबलो ने पिछले दिनों एलजी प्रशासन से यात्रा पर जल्द फैसला लेने और समितियों को अनुमति देने का आग्रह किया था।

पूर्ण आकार में हैं बाबा बर्फानी
बाबा बर्फानी इस साल पूर्ण आकार में है। पवित्र गुफा से हाल के दिनों में वायरल फोटो और वीडियो में बाबा अमरनाथ पूर्ण आकार में दिख रहे हैं। गुफा के आस पास अभी भी बर्फ जमा है।


Spread the love
  • Related Posts

    ट्रंप ने बुशहर पर हमला टाला, ईरान बोला- हमारी कड़ी चेतावनी के बाद पीछे हटा अमेरिका

    Spread the love

    Spread the love     अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ईरान के ऊर्जा प्लांट्स पर पांच दिन तक हमले रोकने के निर्देश पर तेहरान ने पहली प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को ईरानी…


    Spread the love

    फिर से कोविड जैसा लॉकडाउन लगाने की मांग, इस बढ़ती जानलेवा बीमारी ने तबाही मचाई

    Spread the love

    Spread the love     यूनाइटेड किंगडम  इन दिनों गंभीर संक्रामक रोग मेनिनजाइटिस का प्रकोप झेल रहा है। यहां यूनिवर्सिटी ऑफ केंट में पिछले कुछ दिनों में हालात काफी तेजी…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *