Yamuna Express way- यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर हो सकता है महंगा, प्रबंधन देख रही कंपनी ने की टोल बढ़ाने की सिफारिश

ग्रेटर नोएडा से आगरा जाना महंगा हो सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे का प्रबंधन देख रही कंपनी सुरक्षा समूह ने शासन को टोल दर बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। इसके पीछे कंपनी का तर्क है कि जेपी इंफ्राटेक के साथ हुए अनुबंध के मुताबिक, हर साल दरें संशोधित होना है। दो साल पहले दरें बढ़ाई गई थीं।

 

कंपनी के शीर्ष प्रबंधन का कहना है कि 2024 के अंत में यमुना प्राधिकरण से टोल दरों को बढ़ाने की अनुमति मिली थी जबकि अनुबंध के मुताबिक होलसेल प्राइस इंडेक्स-डब्ल्यूपीआई को आधार बनाते हुए हर साल टोल दरों को बढ़ाया जाना चाहिए। ऐसा नियमित रूप से नहीं हो रहा है। कंपनी को इससे जहां आर्थिक नुकसान होता है।

एक्सप्रेसवे का रखरखाव भी प्रभावित होता है। शासन को भेजे प्रस्ताव में मांग की है कि डब्ल्यूपीआई को आधार बनाकर टोल दरों को बढ़ाने की अनुमति दी जाए। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शासन ने इस प्रस्ताव पर यमुना प्राधिकरण से भी रिपोर्ट मांगी है।

4 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं दरें
आंकड़ों को देखें तो 2024 में टोल को 12 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था। इससे कार, बस, ट्रक सहित बड़े कॉमर्शियल वाहनों पर भी असर पड़ा था। केवल दो पहिया और ट्रैक्टर पर ही दरों को स्थिर रखा गया था। इसके बाद भी निजी कार से ग्रेटर नोएडा से आगरा जाने के लिए सभी तीन प्लाजा जेवर, मथुरा और आगरा को संयुक्त रूप से जोड़ने पर करीब 485 रुपये का भुगतान करना होता है।

बाइक और ट्रैक्टर के लिए यह करीब 250 रुपये और बस व ट्रक के लिए 1,545 रुपये है। डब्ल्यूपीआई का आधार बनाने पर न्यूनतम चार प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दरों में हो सकती है। दोनों साल के लिए इसे जोड़ा गया तो यह बढ़ोतरी सात से आठ प्रतिशत तक होगी। चार प्रतिशत बढ़ोतरी होने पर भी निजी कार को 20 रुपये अधिक टोल देना होगा।

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यमुना प्राधिकरण का तर्क

 

  • यमुना प्राधिकरण दरों को बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि आम लोगों के लिए दरें यथावत बनी रहनी चाहिए
  • कंपनी भले ही अनुबंध के मुताबिक दरों को बढ़ाने का तर्क दे रही है। इसके उलट यमुना एक्सप्रेसवे को अतिरिक्त वाहनों का ट्रैफिक भी अब मिल रहा है जोकि अनुबंध के समय संभावित ही नहीं था
  • यमुना एक्सप्रेसवे पर अब बरेली-आगरा हाइवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, ग्वालियर एक्सप्रेसवे के अलावा कई प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी ठीक होने से ट्रैफिक बढ़ा है
  • ऐसे में टोल बढ़ोतरी नहीं करके इसका लाभ आमजन को मिलना चाहिए। इसके लिए शासन को भी रिपोर्ट भेज रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों से भी इसको लेकर वार्ता होनी है
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