पुदुचेरी CM Oath: एन रंगासामी ने ली पुदुचेरी के CM पद की शपथ, ए नमस्सिवयम और मल्लादी कृष्ण राव बने मंत्री

Spread the love

पुदुचेरी की राजनीति के दिग्गज नेता और ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के संस्थापक एन रंगासामी ने बुधवार को पांचवीं बार पुदुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। लोक निवास में आयोजित एक समारोह में उपराज्यपाल के कैलाशनाथन ने रंगासामी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। रंगासामी ने ईश्वर के नाम पर शपथ ग्रहण की।

 

दो अन्य नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
रंगासामी के साथ एनडीए (NDA) गठबंधन के दो अन्य प्रमुख नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इसमें क्षेत्रीय पार्टी से मल्लाडी कृष्ण राव और भारतीय जनता पार्टी के ए नमस्सिवयम शामिल हैं। मल्लाडी कृष्ण राव ने तेलुगु में शपथ ली। वह आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे पुदुचेरी के एन्क्लेव ‘यानम’ का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और वरिष्ठ नेता बीएल संतोष भी मंच पर मौजूद रहे।

 

इस नई सरकार का गठन 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद हुआ है। इन चुनावों में एआईएनआरसी और भाजपा के गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया और सत्ता बरकरार रखी। चुनाव प्रचार के दौरान रंगासामी की जन-कल्याणकारी छवि और केंद्र की भाजपा सरकार के साथ तालमेल को मुख्य मुद्दा बनाया गया था। चुनाव जीतने के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने औपचारिक रूप से रंगासामी को मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। रंगासामी पुदुचेरी की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माने जाते हैं। पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनना उनकी लोकप्रियता का दर्शाता है।

और पढ़े  ओडिशा- रिश्वत लेते आयकर अधिकारी को CBI ने रंगे हाथों पकड़ा

Spread the love
  • Related Posts

    त्विषा शर्मा केस:- गिरिबाला सिंह की वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोप में डिप्टी जेलर हटाई गईं

    Spread the love

    Spread the loveराजधानी भोपाल के हाई-प्रोफाइल त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) गिरिबाला सिंह को कथित रूप से वीआईपी ट्रीटमेंट दिए…


    Spread the love

    आधार कार्ड- डीएक्टिवेट हो सकता है 15 से 17 साल के बच्चों का आधार कार्ड, करें ये जरूरी काम

    Spread the love

    Spread the loveआधार कार्ड धारकों की लापरवाही अब उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। 5 से 7 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट नहीं…


    Spread the love