वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2025- दांतों का बार-बार टूटना, कहीं ऑस्टियोपोरोसिस का संकेत तो नहीं?

अक्सर कुछ लोग जोड़ों के दर्द, मसूड़े की समस्या, दांतों में दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। कुछ मामलों में दांतें भी टूटने लगती हैं। ज्यादातर लोग इन समस्याओं को बढ़ती उम्र का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि अक्सर लोग दांत टूटने या ढीले होने के शुरुआती संकेतों को नहीं पहचान पाते हैं और इसे सिर्फ डेंटिस्ट से जुड़ी समस्या मानकर टाल देते हैं, लेकिन बार-बार हड्डियों से संबंधित समस्या होना ऑस्टियोपोरोसिस का शुरुआती संकेत हो सकता है।

हर साल 20 अक्तूबर को ‘वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2025’ मनाया जाता है, इस दिन का उद्देश्य लोगों के बीच में ऑस्टियोपोरोसिस बिमारी के बारे में जागरूक करना है। यह एक ऐसी गंभीर समस्या है, जिसमें शरीर में हड्डियों का घनत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसका अस हमें जबड़े पर भी देखने को मिलता है और जबड़े हमारे दातों के लिए नींव माने जाते हैं।

ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को ऑस्टियोपोरोसिस कि शिकायत है तो उसके तो दांत ढीले होंगे, मसूड़े हटेंगे, और अंत में दांत टूटकर गिर जाएंगे। इसलिए यदि किसी व्यक्ति के दांत बार-बार टूट रहे हैं या मसूड़ों में लगातार समस्या है, तो यह ऑस्टियोपोरोसिस का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आज के दौर ये समस्या अब कम उम्र के लोगों में देखने मिल रहा है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि ऑस्टियोपोरोसिस होने पर जबड़े में उसके क्या लक्षण दिखते हैं?

 

जबड़े की हड्डी पर पड़ता है सीधा असर
ऑस्टियोपोरोसिस सिर्फ रीढ़, कूल्हे या कलाई की हड्डियों को ही नहीं, बल्कि जबड़े की हड्डी को भी कमजोर करता है। जब कैल्शियम और मिनरल की कमी से यह हड्डी पतली हो जाती है, तो दांतों की जड़ें मजबूती से पकड़ नहीं पातीं। इसी वजह से दांत ढीले होने लगते हैं या बिना किसी चोट के भी टूट जाते हैं। इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

और पढ़े  हरियाणा मंत्रिपरिषद की बैठक आज: लाडो लक्ष्मी का दायरा 3 लाख तक बढ़ाने पर होगी चर्चा

 

मसूड़ों का घटना 
जबड़े की हड्डी का घनत्व कम होने पर, मसूड़ों को भी पर्याप्त सहारा नहीं मिल पाता। इससे मसूड़े धीरे-धीरे नीचे की ओर हटने लगते हैं, जिसे गम रिसेशन कहा जाता है। मसूड़ों के घटने से दांतों की जड़ें दिखाई देने लगती हैं, जिससे दांत में अधिक सेंसेशन होने लगता है और मसूड़ों से संबंधित संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

 

डेन्चर का फिट न होना
जिन लोगों के दांत टूट चुके हैं और वे डेन्चर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित संकेत मिल सकते हैं। जब जबड़े की हड्डी तेजी से घिसती है, तो डेन्चर का फिटमेंट खराब होने लगता है और उन्हें बार-बार एडजस्ट करने की जरूरत पड़ती है। यह जबड़े की हड्डी में हो रहे तेज नुकसान का संकेत है।

 

क्या करें?
अगर आप दांतों और हड्डियों दोनों को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो कैल्शियम, विटामिन D और विटामिन K2 से भरपूर आहार लें। वजन उठाने वाले व्यायाम करें और धूम्रपान व अत्यधिक शराब के सेवन से बचें। दांतों की नियमित जांच के दौरान अपने डेंटिस्ट से भी अपनी हड्डियों के स्वास्थ्य पर चर्चा करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

  • Related Posts

    PM मोदी का तमिलनाडु दौरा: राज्य को 13 हजार करोड़ की परियोजना की देंगे सौगात, कहां-कहां जाएंगे प्रधानमंत्री?

    प्रधानमंत्री मोदी रविवार को चेन्नई के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजना लॉन्च करेंगे। इसमें नया मेट्रो कॉरिडोर, हाईवे में सुधार और…

    तरंग शक्ति-2026 अभ्यास: जोधपुर एयरबेस पर गरजे लड़ाकू विमान, राजनाथ सिंह ने देखा भारतीय वायुसेना का दम

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को राजस्थान के जोधपुर स्थित वायुसेना स्टेशन पहुंचे और बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए। एयरबेस पहुंचने पर भारतीय…