बागेश्वर जिले के कांडा तहसील क्षेत्र के बांजझिरौटी में मंगलवार को जंगल में मवेशी चराने गई महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने मौके पर तेंदुआ देखे जाने और हमले की आशंका जताई जा रही है, वहीं वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया आंखों देखा हाल
घटना के समय मृतका के पति पूरन राम और पास ही बकरियां चरा रहे एक अन्य ग्रामीण पंकज राम पुत्र भवानी राम आसपास ही मौजूद थे। उनके मुताबिक अचानक कमला देवी की तेज चीखने की आवाज सुनकर जब वे दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो महिला लहूलुहान हालत में मिली और वहीं पास से एक तेंदुआ नीचे की ओर भागता हुआ दिखाई दिया। हालांकि उस वक्त इलाके में तेज बारिश हो रही थी और घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे वह तुरंत आंखों से ओझल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर डटी हुई हैं। क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर गश्त भी बढ़ाई जा रही है।
कांडा के बांजझिरौटी में हुई घटना बेहद दुखद है। घटनास्थल खुला जंगल होने के कारण और महिला की मौत के असल कारणों का सटीक पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक तरीके से मामले की जांच की जाएगी। यदि यह पुष्टि होती है कि मौत किसी वन्यजीव के हमले में हुई है, तो नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई और मुआवजा प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। फिलहाल एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर हमारी टीमें गश्त कर रही हैं। -आदित्य रत्ना, डीएफओ, बागेश्वर







