इस साल होली पर चंद्र ग्रहण का साया रहने वाला है। इसलिए इस दिन को धार्मिक के साथ खोगल दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, होली रंगों का त्योहार है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक का पर्व भी कहते हैं। इस दिन विशेष रूप से होलिका दहन और पूजा का अत्यंत महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, होली से पहले होलिका दहन का विधान है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है और मानसिक शांति प्राप्त होती हैं। लेकिन सवाल यह है कि, चंद्र ग्रहण होने के कारण होली पर पूजन का समय क्या रहेगा ? साथ ही ग्रहण का समय क्या होने वाला है। ऐसे में आइए होली से जुड़ी संपूर्ण जानकारी को विस्तार से जानते हैं।
कब है होली 2026
- फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी।
- इस तिथि का समापन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होने वाला है।
- तिथि के अनुसार, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन किया जाएगा।
- 4 मार्च 2026 को रंगों की होली खेली जाएगी।
क्या है चंद्र ग्रहण का समय
इस साल होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का साया बना रहेगा। ग्रहण का समय 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे पूरे एशिया और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकता है। इसके अलावा पैसिफिक द्वीपों और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका में भी यह नजर आ सकता है।
सूतक काल
भद्रा का समय
3 मार्च 2026 को भद्रा का समय सुबह 1 बजकर 25 मिनट से सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगी।
होलिका दहन मुहूर्त 2026
ज्योतिषियों के मुताबिक, 3 मार्च को पूर्ण चंद्रग्रहण पर आसमान में चांद लाल रंग का नजर आने वाला है। खगोल विज्ञान में इसे ब्लड मून के नाम से जाना जाता है।







