पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहा ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब बारहवें दिन में प्रवेश कर चुका है। पूरा क्षेत्र तनाव की चपेट में है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का युद्ध को लेकर सख्त रवैया और खाड़ी देशों में बढ़ता संघर्ष, वैश्विक राजनीति के लिया बड़ा संकट साबित होता दिख रहा है। भारत ने कहा है कि तेजी से बदलती परिस्थितियों पर सरकार की पैनी नजर है।
ईरान ने अमेरिका की ऊर्जा प्रभुत्व नीति की कड़ी निंदा की
ईरान ने अमेरिका की ऊर्जा प्रभुत्व रणनीति की तीखी आलोचना की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसमाईल बघाई ने कहा कि हाल ही में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के पीछे वास्तविक आर्थिक मकसद साफ हो गया है। बघाई ने व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लिविट के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और इस्राइल की हालिया आक्रामकता का मुख्य उद्देश्य ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करना है।
उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान के ऊर्जा संसाधनों को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा प्रभुत्व की अंतिम कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि ईरान का विरोध केवल अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक समुदाय और ग्लोबल साउथ के हितों की रक्षा के लिए भी है।
पश्चिम एशिया में फंसे भारतीय तेल टैंकरों को सुरक्षित निकालने की तैयारी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वहां फंसे भारतीय तेल टैंकरों को सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को क्षेत्र में भेजने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है, ताकि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके।
हालांकि इस मामले में अभी तक सरकार या रक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, हालात को देखते हुए संभावित रणनीति पर चर्चा जारी है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इस्राइल के साथ बढ़े क्षेत्रीय तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इस अहम समुद्री मार्ग के दोनों ओर कई जहाज फंसे होने की खबरें सामने आई हैं, जिनमें भारतीय कंपनियों के जहाज भी शामिल हैं।
अमेरिका का दावा- ईरान की 16 माइन बिछाने वाली नौकाएं नष्ट
अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी सैन्य कार्रवाई में ईरान की 16 ऐसी नौकाओं को नष्ट कर दिया गया है, जिनका इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंगें (माइन) बिछाने के लिए किया जा सकता था। यह कार्रवाई रणनीतिक रूप से बेहद अहम हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की गई।
ईरान युद्ध में 140 अमेरिकी सैनिक घायल
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने मंगलवार को बड़ा खुलासा किया। विभाग के अनुसार इस युद्ध में अब तक करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। यह पहली बार है जब पेंटागन ने लड़ाई में अमेरिकी सैनिकों को हुए नुकसान का व्यापक आंकड़ा सार्वजनिक किया है। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बताया कि घायल हुए अधिकांश सैनिकों की स्थिति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में सैनिक इलाज के बाद फिर से अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं।
बहरीन में हवाई हमले का अलर्ट, पूरे देश में सायरन बजाए गए
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि देश के कई हिस्सों में एयर रेड सायरन बजाए गए हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर जाएं और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि सायरन बजने के बाद आपात सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं। क्षेत्र में बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए बहरीन सहित खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।







