पश्चिम एशिया संघर्ष: अमेरिका ने दुनियाभर में अपने नागरिकों को किया सतर्क, क्या और बिगड़ेंगे हालात?

मेरिका के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को दुनियाभर में यात्रा करने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी जारी की। मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षा की स्थिति जटिल बनी हुई है। अमेरिका और ईरान की ओर से क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों के बीच अचानक हालात बिगड़ सकते हैं।

क्या चेतावनी जारी की?

  • अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में दुनियाभर में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों, खासकर पश्चिम एशिया में मौजूद लोगों से अधिक सतर्क रहने और तेजी से बदल रहे सुरक्षा हालात की जानकारी लेते रहने की सलाह दी।
  • बयान में कहा गया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण जटिल सुरक्षा माहौल बना हुआ है और अचानक हालात बिगड़ने की आशंका है।
  • मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से कहा कि वे लगातार समाचार देखते रहें, ताकि नई जानकारी मिलती रहे। साथ ही, अपने सबसे नजदीकी अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास की ओर से जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

 

 

बयान में आगे कहा गया, हम क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को लगातार सावधानी बरतने की याद दिलाते हैं और उन्हें सलाह देते हैं कि वे ताजा घटनाक्रम की जानकारी के लिए समाचार देखते रहें। विदेश मंत्रालय दुनियाभर के अमेरिकी नागरिकों, खासकर पश्चिम एशिया में रहने वालों को अधिक सतर्क रहने की सलाह देता है।

हवाई सेवाओं पर असर की आशंका जताई
इस चेतावनी में यह भी कहा गया कि उड़ानों के रद्द होने और समय-समय पर हवाई क्षेत्र बंद किए जाने से यात्रा प्रभावित हो सकती है। क्षेत्र में जारी तनाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ रहा है।

और पढ़े  कर्नाटक के PWD मंत्री जरकीहोली के ठिकानों पर ईडी की रेड: सांसद बेटी के परिसर भी खंगाले, कार्रवाई की वजह क्या?

इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने कहा कि पहले भी अमेरिकी राजनयिक कार्यालयों को निशाना बनाया जा चुका है, जिनमें पश्चिम एशिया के बाहर स्थित कार्यालय भी शामिल हैं। मंत्राललय ने चेतावनी दी कि ईरान का समर्थन करने वाले समूह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका के हितों या अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़े स्थानों को निशाना बना सकते हैं।

बयान में कहा गया, अमेरिकी राजनयिक कार्यालयों को पहले निशाना बनाया गया है, जिनमें पश्चिम एशिया के बाहर स्थित कार्यालय भी शामिल हैं। ईरान का समर्थन करने वाले समूह दुनियाभर में अमेरिका के अन्य हितों या अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़े स्थानों को निशाना बना सकते हैं।

 

 

संघर्ष विराम टूटने के बाद बढ़ा तनाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। पिछले महीने दोनों देशों के बीच एक 14 बिंदुओं वाला समझौता हुआ था। इसका मकसद दोनों पक्षों के बीच संघर्ष समाप्त करना और आगे की बातचीत का रास्ता खोलना था। खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत की योजना थी।

इस समझौते के टूटने के बाद पश्चिम एशिया में फिर से संघर्ष बढ़ गया। अमेरिका ने ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए।

  • Related Posts

    ब्रिक्‍स सम्‍मेलन- बस कुछ ही देर में शुरू होगी शिखर सम्मलेन की बैठक, राष्ट्राध्यक्षों के पहुंचने का हो रहा इंतजार

    भारत की मेजबानी में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज दोपहर दिल्ली गए हैं। जिनपिंग इस दौरे पर पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत…

    पता नहीं अपने आप को G7 क्यों कहते हैं?: पुतिन ने पश्चिमी देशों पर कसा तंज, समझाया ब्रिक्स कैसे बना ताकतवर