ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक के बाद आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली से रूस रवाना होंगे। दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक से इतर ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात भी चर्चा में रही। पहले दिन के सम्मेलन से इतर आज अंतिम दिन भी कई अहम कार्यक्रम निर्धारित हैं।
ईरान 14 सितंबर को ओमान में करेगा बातचीत, क्या पेजेश्कियन के दिल्ली दौरे के बाद घटेगा तनाव?
पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात पर ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर यूएई के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों का दिल्ली में मिलना इसलिए भी अहम है क्योंकि मुलाकात ऐसी खबरों के बीच हुई है जिनमें कहा जा रहा है कि ईरान 14 सितंबर को ओमान में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्यों और इराक से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चर्चा करने वाला है।
खबरों के मुताबिक होर्मुज के रास्ते जहाजों के गुजरने को लेकर ईरान एक समझौते पर चर्चा करना चाहता है। इसलिए वह क्षेत्र के अलग-अलग देशों के साथ मुलाकात और बातचीत करने की योजना बना रहा है। इसी वर्ष 28 फरवरी को शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच यह इस तरह की पहली बैठक होगी।
ब्रिक्स LIVE: आज दिल्ली से रूस रवाना होंगे पुतिन; शिखर बैठक से इतर ईरान-अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात
ब्रिक्स देशों की बैठक में शामिल होने के लिए सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद भी दिल्ली पहुंचे हैं। ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक 2026 में 11 देशों की शिरकत से इतर आज 20 देशों के समूह में शामिल अन्य सदस्य देशों की बैठक होनी है। सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान का स्वागत विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने किया। उनके आगमन के अलावा आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली से वापस रूस रवाना होने वाले हैं। वापसी का अनुमानित समय करीब 6 से 6.30 के बीच है।
दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात
गौरतलब है कि ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन भी ब्रिक्स देशों की बैठक में शामिल होने दिल्ली आए हैं। उन्होंने शनिवार रात को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर नई दिल्ली में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत की। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि पिछले छह महीने से अधिक समय से ईरान और अमेरिका के बीच जंग हो रही है। ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है, जिसका खामियाजा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भी भुगतना पड़ा है। ईरान के हवाई हमलों के कारण यूएई और ईरान के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।






