West Asia- सैनिकों की मौत से बौखलाया अमेरिका, ईरान को सजा देने के लिए नए सिरे से हवाई हमले

रान के हमले में अपने सैनिकों की मौत से बौखलाए अमेरिका ने नए सिरे से एयर स्ट्राइक की शुरुआत की है। अमेरिकी सेना के मुताबिक ईरान को दंडित करने के लिए नए सिरे से हवाई हमले किए जा रहे हैं।

 

 

अगर अमेरिका अपनी खैर चाहता है, तो तुरंत भाग जाए’: ईरानी नेता की चेतावनी

ईरान के एक बड़े नेता इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक उनके सुप्रीम लीडर के तेवरों को समझ लें, तो वे एक सेकंड गंवाए बिना वहां से भाग खड़े होंगे। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुआ समझौता टूट गया है। इसके बाद से दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर बमबारी की है, तो ईरान समर्थित गुटों ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अमेरिका को ‘महाशैतान’ कहते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत को पूरी तरह रद्दी बताया है। खामेनेई का कहना है कि अमेरिका कभी अपनी बात पर नहीं टिकता और हमेशा धोखेबाजी करता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपने हमले नहीं रोके, तो ईरान और उसके साथी देश अमेरिका को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा।

पश्चिम एशिया में अब तक क्या हुआ? पढ़िए पांच बड़े अपडेट

अमेरिका का लगातार आठवें दिन हमला
अमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई जॉर्डन में हुए उस हमले के जवाब में की जा रही है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।

और पढ़े  ब्रिक्स समिट- गौतम अदाणी से मिले दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा

ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैनिकों की मौत दुखद है, लेकिन ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।

ईरान का पलटवार
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उनके हस्ताक्षर की कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर हाल में हुए समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया।

कुवैत ने भी लगाया आरोप
कुवैत का कहना है कि ईरान के हवाई हमले में उसकी सरकारी तेल कंपनी की एक इकाई को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले भी बिजली और पानी के एक संयंत्र पर हमले का आरोप लगाया गया था।

इराक में बढ़ी सुरक्षा
इराक के एरबिल शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश हुई। इसके बाद वहां हवाई सुरक्षा प्रणाली तुरंत सक्रिय कर दी गई।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी कंपनी HKN ने इराक में रोका तेल का काम

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। इसी कारण अमेरिकी ऊर्जा कंपनी HKN एनर्जी ने इराक के कुर्दिश क्षेत्र में अपना काम पूरी तरह रोक दिया है। यह फैसला कंपनी द्वारा इराक के तेल मंत्रालय के साथ हमरिन तेल क्षेत्र को विकसित करने का समझौता करने के ठीक कुछ दिन बाद आया है। इस समझौते का लक्ष्य रोजाना 1.40 लाख बैरल तेल और 40 मिलियन घन फीट गैस का उत्पादन करना था। क्षेत्र में लगातार हो रहे ड्रोन हमलों और सुरक्षा खतरों को देखते हुए कंपनी ने यह कदम उठाया है। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात की कंपनी दाना गैस ने भी सुरक्षा कारणों से यहाँ अपना परिचालन बंद किया था।

और पढ़े  अमेरिका: अलास्का के ठंडे समुद्र में पलटी नाव पर दो दिन चिपका रहा 15 साल का किशोर, कैसे बची जान? भाई की मौत

 सैनिकों की मौत से बौखलाया अमेरिका, ईरान को सजा देने के लिए नए सिरे से हवाई हमले

अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के खिलाफ नए हवाई हमले किए। यह हमला जॉर्डन में हुए एक हमले के जवाब में किया गया, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए, एक लापता हो गया और चार अस्पताल में भर्ती हुए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से तेल टैंकरों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने की ईरान की क्षमता को और कम करना है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद पहली बार सीधे ईरानी हमले से अपने सैनिकों की मौत की घोषणा की। शुक्रवार के ड्रोन और मिसाइल हमले में चार अन्य सैनिक भी अस्पताल पहुंचे। इसी साल 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से अब तक 16 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 430 से अधिक घायल हुए हैं।
  • Related Posts

    ब्रिक्‍स सम्‍मेलन- बस कुछ ही देर में शुरू होगी शिखर सम्मलेन की बैठक, राष्ट्राध्यक्षों के पहुंचने का हो रहा इंतजार

    भारत की मेजबानी में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज दोपहर दिल्ली गए हैं। जिनपिंग इस दौरे पर पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत…

    पता नहीं अपने आप को G7 क्यों कहते हैं?: पुतिन ने पश्चिमी देशों पर कसा तंज, समझाया ब्रिक्स कैसे बना ताकतवर