आज प्रस्तावित संसद मार्च से पहले सामाजित कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से सरकार और देश की सियासी जमात को एक संदेश भेजा है। इस संदेश में वांगचुक ने लिखा कि वे किन शर्तों पर आज अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा अगर…
- एक- सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले, या
- दो- मैं और CJP की लीडरशिप संसद तक पहुंचें और वहां अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता हमें भरोसा दिलाएं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे
- तीन- अगर मेरी सेहत या कोई और वजह इसकी इजाजत न दे, तो अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर ऊपर बताया गया भरोसा दिलाएं
सफदरजंग अस्पताल में गैर-कानूनी नजरबंदी से, जहां मेरे आने-जाने, बोलने और बातचीत करने की आजादी पर रोक लगी हुई है।
गौरतलब है कि कि सोनम इस समय अपने स्वास्थ्यगत कारणों से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन उन्होंने तथा उनकी पत्नी ने इसे नजरबंदी बताया है। जबकि सरकार का कहना है कि पुलिस ने आंदोलनरत वांगचुक को अदालत के कहने पर जंतर मंतर से हटाया है।
इस बीच आज संसद का मामसून सत्र शुरू हो रहा है और आंदलनकारियों की ओर से संसद मार्च प्रस्तावित है। पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी है। दूसरी ओर वांगचुक की पत्नी ने इस मार्च का नेतृत्व करने का संदेश कल ही दे दिया था। फिलहाल, नई दिल्ली इलाके में तनाव की स्थिति है। पुलिस अलर्ट है। अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी मुस्तैद हैं। जंचर मंतर की चारों ओर से बैरिकेडिंग कर दी गई है।
शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों के आज प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। आज संसद सत्र शुरू हो रहा है इसलिए दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है। लिहाजा, जंतर-मंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है और खबर है कि फोर्स आ रही है।





