परिवहन निगम प्रबंधन और उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के बीच मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को हुई बैठक बेनतीजा रही। वार्ता फेल होने के बाद यूनियन ने आज शुक्रवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का एलान कर किया गया। इधर, परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक ने भी सभी अधिकारियों को सख्त पत्र भेजकर बस सेवा किसी भी कीमत पर प्रभावित न होने देने और कार्य बहिष्कार करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस पर यूनियन ने शुक्रवार से कार्य बहिष्कार पर जाने का फैसला किया है। इसकी पूर्व सूचना प्रबंधन को दी जा चुकी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी डिपो पर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। वार्ता में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै, केपी सिंह और परमजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
तैनाती स्थल पर रहें अधिकारी, न रुकें बस सेवाएं
रोडवेज की एमडी रीना जोशी ने सभी आरएम (संचालन/तकनीकी) और एआरएम को पत्र भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक अक्तूबर को ही आदेश जारी कर दिया गया था कि बिना पूर्व अनुमति के कोई कर्मचारी अवकाश पर नहीं जाएगा। इसके बावजूद यूनियन ने अपने लेटर पैड पर कर्मचारियों के अवकाश पर रहने की जो सूचना दी है, वह निगम मुख्यालय के आदेश के विपरीत है। एमडी ने सभी अधिकारियों को अपनी तैनाती स्थल पर रहने और किसी भी दशा में बस सेवाओं का संचालन न रुकने देने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को कर्मचारियों को समझाने का प्रयास करने को कहा है। इसके बावजूद यदि क्रू (चालक-परिचालक) के कारण कोई सेवा प्रभावित होती है या कोई कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में दर्ज होकर धरने में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, कार्यशाला या बस स्टेशन से बसों की आवाजाही में बाधा डालने वालों पर भी सख्ती होगी। पत्र में 23 अक्तूबर को हुए कार्य बहिष्कार से निगम को हुए आर्थिक नुकसान का भी जिक्र किया गया है।








