उत्तराखंड: जल जीवन मिशन को मिलेगी आम बजट से ऑक्सीजन, समय सीमा बढ़ी, 67,670 करोड़ का किया प्रावधान

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त्तराखंड में हर घर नल से जल की जल जीवन मिशन योजना को आम बजट से ऑक्सीजन मिलेगी। योजना का अटका पड़ा 20 प्रतिशत काम पूरा होने के साथ ही 2000 करोड़ से ऊपर की देनदारियां भी खत्म हो सकेंगी। प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना के तहत 14,49,170 में से 14,14,169 घरों में पेयजल के कनेक्शन दिए गए हैं।

करीब पांच प्रतिशत भवनों तक योजना के तहत पेयजल कनेक्शन देने का काम बचा हुआ है। इसी प्रकार पेयजल योजनाओं की क्षमता बढ़ाने समेत करीब 20 प्रतिशत काम अधूरा है। सालभर से ये काम इसलिए अधूरे हैं क्योंकि केंद्र से मांग के सापेक्ष बजट ही नहीं मिल पा रहा है।

 

रविवार को आए आम बजट से प्रदेश में जल जीवन मिशन के लिए आस जग गई। प्रदेश को इस योजना को परवान पहुंचाने के लिए 4300 करोड़ रुपये की दरकार है। केंद्र ने देशभर में इस योजना के तहत बजट में 67,670 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं, योजना की अवधि भी 31 मार्च 2028 तक बढ़ गई है। माना जा रहा है कि इससे जहां बजट मिलेगा, वहीं समयसीमा बढ़ने से योजनाएं पूरी करना आसान हो जाएगा।

 

5000 से ज्यादा ठेकेदारों की देनदारियां निपटेंगी

जल जीवन मिशन योजना के तहत काम करने वाले 5000 से ज्यादा ठेकेदारों की देनदारियां भी आसानी से निपट सकेंगी। इन ठेकेदारों का करीब 1200 करोड़ के बिल बजट न मिलने के कारण फंसे पड़े हैं। बीते दिनों उन्होंने मिशन निदेशक का घेराव भी किया था। वहीं, 800 करोड़ की अन्य देनदारियां हैं। कुल मिलाकर 2000 करोड़ की देनदारियां बजट से निपट जाएंगी।

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