नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव मामले में राज्य चुनाव आयोग ने शुक्रवार 5 सितंबर को देहरादून में सुनवाई रखी है। सुनवाई के लिए डीएम, एसएसपी सहित अध्यक्ष पद के दोनों प्रत्याशियों, याचिकाकर्ता पूनम बिष्ट और कथित रूप से अपहृत पांच सदस्य शामिल हैं।
यह जानकारी सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट ने हाईकोर्ट में दी। भट्ट ने कहा कि मामले की जांच के लिए आयुक्त कुमाऊं की अध्यक्षता में भी जांच शुरु की है। अतः अब इस याचिका का कोई औचित्य नहीं रह गया है। उन्होंने याची पक्ष से याचिका वापस लेने की सलाह दी। याची ने याचिका वापस लेने से इंकार करते हुए कहा कि वे आयोग के इस एफिडेविट का जवाब दाखिल करेंगे।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रति शपथपत्र दाखिल करने की अनुमति देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तिथि नियत की। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पूनम बिष्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता देवीदत्त कामत ने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए रीपोलिंग की मांग की थी। मामले में ओवर राइटिंग कर एक मतपत्र में छेड़खानी का भी आरोप लगाया गया था।








