उत्तराखंड: सितंबर की शुरुआत में ही आपदा जैसे हालात, मूसलाधार बारिश ने बढ़ाईं मुश्किलें

इस साल भी सितंबर की शुरुआत में ही मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बीते साल 15-16 सितंबर को मूसलाधार बारिश के बाद दून में बने आपदा जैसे हालात की याद इस महीने के पहले ही दिन ताजा हो गई। मंगलवार को सुबह से ही पहाड़ से लेकर मैदान तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा।

दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में देहरादून में 59.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में इस अवधि की सामान्य बारिश 11.8 एमएम है। ऐसे में सामान्य के मुकाबले 402 फीसदी अधिक बारिश हुई।

सड़कें बनीं तालाब, गलियों में भरा पानी

दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश की वजह से शहर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। बारिश तेज होने पर सड़कों और गलियों में पानी की निकासी धीमी पड़ गई। इससे वाहन चालकों के साथ पैदल आवाजाही करने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़क किनारे और निचले हिस्सों में पानी जमा होने से लोगों को संभलकर निकलना पड़ा।

 

बागेश्वर में सबसे ज्यादा बारिश, प्रदेश में भी दोगुने से ज्यादा

प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 27.1 एमएम बारिश दर्ज की गई जोकि सामान्य बारिश 9.3 एमएम के मुकाबले 192 फीसदी अधिक है। बागेश्वर में सबसे ज्यादा 61.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद देहरादून में 59.3, चंपावत में 51.1 और नैनीताल में 34 एमएम बारिश हुई। पिथौरागढ़ में 33.9, रुद्रप्रयाग में 29.5, टिहरी में 28, अल्मोड़ा में 24.9 और ऊधमसिंह नगर में 23.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश का असर केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहा। पहाड़ी जिलों में भी दिनभर बारिश होती रही।

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