उत्तराखंड में अब बिजली चोरी, मीटर तोड़ने, यूपीसीएल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। केंद्र सरकार के जन विश्वास अधिनियम को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने राज्य में भी लागू कर दिया है। इसके तहत कई अहम बदलाव लागू किए गए हैं।
इसमें धारा 146 में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत नियमों के उल्लंघन के मामलों में अब कारावास के प्रावधान को हटाकर जुर्माने को अधिक स्पष्ट किया गया है, जो 10,000 रुपये से शुरू होकर 10 लाख रुपये तक हो सकता है। छोटे उल्लंघनों के लिए जुर्माना 1,000 रुपये से 50,000 रुपये तक तय किया गया है।
अपराधों का शमन अधिनियम की धारा 135, 138 और 140 के तहत आने वाले मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के बावजूद, उपयुक्त सरकार या इसके की ओर से अधिकृत अधिकारी निर्धारित राशि लेकर मामलों का समाधान कर सकेंगे।








