Uttarakhand चारधाम यात्रा : केदारनाथ में भक्तों का आंकड़ा 1 लाख पार, आप भी जाने से पहले इन बातों पर रखें खास ध्यान।।

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केदारनाथ यात्रा के पहले सप्ताह में ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया है। आपदा के बाद बीते आठ वर्षों में पहले सप्ताह में यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। बुधवार को भी बाबा के दर्शनों के लिए सोनप्रयाग से 25 हजार से अधिक श्रद्धालु भेजे गए।
कोरोनाकाल के बीच 2020 में पूरे यात्राकाल में 1 लाख 32 हजार और 2021 में 2 लाख 42 हजार यात्रियों ने दर्शन किए थे। बीते वर्ष भी यात्रा के आखिरी 24 दिनों में सवा लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। इस वर्ष छह मई से शुरू हुई यात्रा में नए रिकार्ड बन रहे हैं। 
कपाट खुलने पर पहले दिन 23512 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। इसके बाद 7 से 11 मई तक प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या 17 हजार से अधिक बनी हुई है। वर्ष 2017 में कपाट खुलने के बाद 17वें दिन, 2018 में 16वें दिन और 2019 में 12वें दिन श्रद्धालुओं की संख्या ने एक लाख का आंकड़ा पार किया था। 

इस वर्ष सिर्फ छह दिनों में ही एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य को लेकर एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक चारधाम यात्रा के सभी तीर्थ स्थल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित हैं। इनकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मीटर से भी अधिक है। इन स्थानों पर तीर्थयात्री अत्यधिक ठंड, कम आद्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉयलेट रेडिएशन, हवा का कम दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।

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इन बातों पर रखें ध्यान

स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत ही चारधाम यात्रा के लिए प्रस्थान करें। 

पहले से बीमार लोग अपने चिकित्सक का परामर्श पर्चा, चिकित्सक का फोन नंबर और चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाईयां अपने साथ रखें।

ज्यादा बुजुर्ग, बीमार या कोविड से ग्रस्त हो चुके व्यक्ति या तो यात्रा न करें या कुछ समय के लिए टाल दें।

तीर्थस्थल पर पहुंचने से पहले रास्ते में एक दिन का आराम जरूर करें।

गर्म और ऊनी कपड़े साथ में रखें।

हृदय रोगी, श्वास रोगी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप के मरीज ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी रखें।

सिर दर्द, चक्कर आना, घबराहट, दिल की धड़कनें तेज होना, उल्टी आना, हाथ-पांव व होठों का नीला पड़ना, थकान होना, सांस फूलना, खांसी आना या दूसरे लक्षण होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और 104 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

धूम्रपान व दूसरे मादक पदार्थों के सेवन से परहेज करें।

अल्ट्रा वायलेट किरणों से आंखों को बचाने के लिए सन ग्लास का प्रयोग करें।

यात्रा के दौरान पानी पीते रहें और खाली पेट न रहें।

लंबी पैदल यात्रा के दौरान बीच-बीच में विश्राम करते रहें।


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