उत्तराखंड कैबिनेट निर्णय: अब 1 साल तक हो सकेंगे विवाह पंजीकरण, यूसीसी में जुड़ेगा दंड का प्रावधान

 

समान नागरिक संहिता  में संशोधन के लिए मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक-2025 लेकर आएगी। इसमें विवाह पंजीकरण के लिए जरुरी समय सीमा को एक साल करने संबंधी संशोधन होंगे। इसके लिए सरकार ने जुलाई में अध्यादेश लाकर जरूरी संशोधन लागू किए थे।

 

कैबिनेट में अध्यादेश को कानून में तब्दील करने के लिए संशोधन विधेयक को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी दे दी है। संशोधित विधेयक में 26 मार्च 2020 से अधिनियम लागू होने तक हुए विवाह पंजीकरण की समय सीमा को छह से बढ़ाकर एक साल कर दिया गया है। यह समय सीमा समाप्त होने के बाद इसमें दंड या जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही सब-रजिस्ट्रार के समक्ष अपील, शुल्क आदि का भी निर्धारण किया गया है।

इसके साथ ही समान नागरिक संहिता समिति की ओर से गई संस्तुतियों के आधार पर एक्ट में प्रावधानों के चलते हो रही व्यावहारिक दिक्कतों को भी दूर किया गया है। इसके साथ ही लिपिकीय त्रुटियों जैसे दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) किया गया है। कई स्थानों पर पैनल्टी को शुल्क लिखा गया है जिन्हें अब पैनल्टी लिखा जाएगा।

और पढ़े  देहरादून: त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू, 12 अक्टूबर को होगा मतदान, 14 को मतगणना
  • Related Posts

    ड्राई डे के दिन नैनीताल पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई 3 अभियुक्त गिरफ्तार

      गांधी जयंती के अवसर पर ड्राई डे के दौरान नैनीताल पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई 03 अभियुक्त गिरफ्तार, 145 टेट्रा पैक/पाउच अवैध शराब बरामद, शराब परिवहन…

    उत्तराखंड- रुला रहा है जाम: कैंची धाम से लेकर मसूरी-ऋषिकेश में उमड़े सैलानी, घंटों फंसे वाहन

    उत्तराखंड में अब बारिश थमने के बाद से मौसम सुहाना बना हुआ है। ऐसे में वीकेंड पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। जिससे कुमाऊं और गढ़वाल के पर्यटक स्थलों…