प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए तीन स्तरों राज्य, मंडल और जिलास्तर पर सचल दल गठित होंगे। 1261 परीक्षा केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे।

प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए तीन स्तरों राज्य, मंडल और जिलास्तर पर सचल दल गठित होंगे। 1261 परीक्षा केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे।
उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं। जबकि मूल्यांकन के लिए 29 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 16 गढ़वाल और 13 कुमाऊं मंडल में हैं। हर मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।
चंपावत जिले में सबसे कम 44 परीक्षा केंद्र
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र हैं। इन केंद्रों में 156 संवेदनशील और छह अति संवेदनशील हैं। जबकि 24 नए केंद्र हैं। इसमें टिहरी जिले में सबसे अधिक 136 और चंपावत जिले में सबसे कम 44 केंद्र बनाए गए हैं। उत्तराखंड बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं खत्म हो गई हैं। परीक्षाएं 16 जनवरी से शुरू होगा 15 फरवरी 2026 तक चली।

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