पासपोर्ट से पनाह तक: रेड फोर्ट ब्लास्ट केस से जुड़े तार, ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल फिर बेनकाब

 

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा  के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए हरियाणा और राजस्थान से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। ये लोग आतंकियों को फर्जी आधार, पैन कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट बनवाने में मदद कर रहे थे।

इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत श्रीनगर पुलिस ने की, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस को भी शामिल किया गया। जांच में सामने आया कि आतंकी फर्जी पहचान के जरिए देशभर में अपना नेटवर्क फैला रहे थे और विदेशों तक भागने में भी सफल रहे।

 

पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उसका साथी उस्मान उर्फ खुबैब शामिल हैं। दोनों पिछले करीब 16 वर्षों से सक्रिय थे और कश्मीर घाटी में कई आतंकी गतिविधियों को संचालित कर चुके हैं।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि एक आतंकी उमर उर्फ ‘खरगोश’ फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से भागकर पहले इंडोनेशिया और फिर एक खाड़ी देश पहुंच गया। इस नेटवर्क के तार राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक फैले हुए थे।

सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर और आसपास के इलाकों में कई ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है, जिनमें एके-47 राइफल, पिस्टल, ग्रेनेड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 31 मार्च से शुरू हुई थी और इसका मकसद आतंकी नेटवर्क की फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और सहयोगियों को खत्म करना है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जबकि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है।

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