Terror- लश्कर की फंडिंग और वित्तीय पैटर्न का खुलासा, जाली दस्तावेजों से दूसरे राज्यों में फैलाया जाल

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जाली पहचान पत्र और पैन व पासपोर्ट बनाने वाले लश्कर नेटवर्क का जम्मू कश्मीर पुलिस ने खुलासा किया है। नेटवर्क से जुड़े जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हिरासत में लिए गए हैं उनसे पूछताछ में पता चला है कि दूसरे राज्यों में आतंकी का जाल फैलाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने आतंकियों को आधार कार्ड, परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) कार्ड और वोटर कार्ड जैसे दस्तावेज बनाकर उन्हें जरूरी लॉजिस्टिकल मदद मुहैया कराई थी। जांच की अगुवाई कर रही श्रीनगर पुलिस ने सबसे पहले इस जानकारी को जुटाया और इनपुट तुरंत केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस से साझा किया ताकि देश में फैले इस नेटवर्क को खत्म किया जा सके।

अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि उमर उर्फ खरगोश नाम का आतंकी जाली पासपोर्ट हासिल कर इंडोनेशिया भाग गया था। माना जा रहा है कि वह अब अन्य जाली दस्तावेज से किसी खाड़ी देश में जाकर छिप गया है। पाकिस्तान के कराची का उमर 2012 के बाद भारत में घुसपैठ करके आया था। 2024 में राजस्थान के जयपुर से हासिल किए जाली पासपोर्ट से भारत से भाग निकला।

अधिकारी ने बताया कि यह पता तब चला जब श्रीनगर पुलिस ने सात अप्रैल को लश्कर के अंतरराज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा भी शामिल है। वह 16 साल से फरार था और जम्मू-कश्मीर के बाहर छिपकर रह रहा था। श्रीनगर पुलिस ने हुरैरा के साथ ही पाकिस्तानी नागरिक उस्मान उर्फ खुबैब को भी गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अब्दुल्ला ने अपने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में अपनी गतिविधियों की जानकारी दी थी।

अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च को शुरू किए इस ऑपरेशन की पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात खुद निगरानी कर रहे थे। इस ऑपरेशन से लश्कर की फंडिंग और वित्तीय पैटर्न का भी खुलासा हुआ है। आतंकियों ने न सिर्फ जम्मू-कश्मीर में बल्कि कई दूसरे राज्यों में भी नेटवर्क बनाने के लिए जाली दस्तावेज और पहचान का इस्तेमाल किया।

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गिरफ्तार पांच लोगों में तीन श्रीनगर के
हालांकि अधिकारियों ने हिरासत में लिए कुछ लोगों को गिरफ्तार करने की संभावना से इन्कार नहीं किया। खासकर उनको जिन्होंने धोखाधड़ी से पासपोर्ट व दूसरे दस्तावेज हासिल करने में मदद की। गिरफ्तार पांच लोगों में श्रीनगर के तीन निवासी मोहम्मद नकीब भट, आदिल राशिद भट और गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा हैं। इन पर आतंकियों को पनाह देने, खाना खिलाने और लॉजिस्टिक मदद देने के आरोप हैं।

पूछताछ में नकीब भट ने पुलिस को बताया कि वह लश्कर का हिस्सा था। उसने आदिल से हथियार और गोला-बारूद हासिल किया था।विदेशी आतंकियों को भी मदद दी थी। भट के खुलासे के बाद पुलिस मीर और राशिद भट तक पहुंची। ये दोनों श्रीनगर में लश्कर के सक्रिय साथी थे। गिरफ्तार किए गए लोगों के खुलासे पर श्रीनगर और आसपास के जंगली इलाकों में आतंकियों के कई ठिकाने भी ध्वस्त किए गए।


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