मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर रोपवे परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए काम में तेजी लाई जा रही है। प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे बेहतर वैकल्पिक परिवहन का साधन है। इससे जहां धार्मिक और पर्यटन स्थलों की पहुंच आसान होगी, वहीं तीर्थाटन, पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं को आगामी नौ नवंबर तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने रोपवे परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल), उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, शहरी स्थापना एवं भवन निर्माण निगम और पर्यटन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है। पहले चरण में सोनप्रयाग से केदारनाथ, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब, रानीबाग से हनुमानगढ़ी-कैची धाम, कनकचौरी से कार्तिक स्वामी, जोशीमठ से औली-गोरसों, रैथल से दयारा बुग्याल का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पुरुकुल से मसूरी तक लगभग 5.2 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चल रहा है।








