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शिव की नगरी काशी में तीन दिवसीय एयर शो का रविवार को समापन हो गया। 22 अक्तूबर से ही गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के विमानों के करतब देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ था। पहली बार आयोजित इस भव्य एयर शो ने शहरवासियों के साथ आसपास के जिलों के लोगों को भी रोमांचित किया। लोग किसी न किसी रास्ते से गंगा किनारे पहुंचकर विमानों का प्रदर्शन देखना चाहते थे। एक तरफ घाटों और गंगा तटों पर दर्शकों का हुजूम उमड़ रहा था, तो दूसरी तरफ जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए थीं। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने पर यह उत्साह और बढ़ गया।
गंगा के दोनों किनारों पर उमड़ा जनसैलाब
एयर शो देखने के लिए वाराणसी के नमो घाट से लेकर गंगा के दूसरी ओर चंदौली जिले के तटों तक बड़ी संख्या में लोग जुटे। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में विमानों के करतब देखने को लेकर खास उत्साह रहा। कई लोग दूरदराज के इलाकों से सुबह ही गंगा किनारे पहुंच गए थे, ताकि उन्हें एयर शो देखने का मौका मिल सके। गंगा के ऊपर विमानों की आवाज और उनके हवाई करतब दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। भीड़ को संभालने और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन ने 20 से अधिक स्थानों पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की थी। सुरक्षा एजेंसियां भीड़ और आवागमन पर नजर रखे हुए थीं।
पीएम मोदी के पहुंचते ही गूंजे हर-हर महादेव और जय हिंद
रविवार को करीब एक बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो घाट पर एयर शो देखने पहुंचे तो पूरा इलाका हर-हर महादेव और जय हिंद के नारों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री ने नमो घाट से करीब एक किलोमीटर पहले ही रोड शो शुरू किया। रास्ते में काशीवासियों का उत्साह देखकर वह कार से बाहर आए और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान सड़क किनारे मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। भीड़ में से आवाज आई, “मोदीजी, एयर शो बहुत बढ़िया है।” प्रधानमंत्री ने मुस्कुराकर सिर हिलाया और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनकी एक झलक पाने और स्वागत करने के लिए लोग सड़क किनारे खड़े रहे। प्रधानमंत्री के आगमन ने एयर शो के अंतिम दिन के उत्साह को और बढ़ा दिया।
सुरक्षा के बीच ट्रेनों के परिचालन पर भी रही नजर
एयर शो के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ रेल परिचालन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई। प्रधानमंत्री के नमो घाट पर मौजूद रहने के दौरान मालवीय पुल से गुजरने वाली ट्रेनों को बिना रुके रवाना करने की व्यवस्था की गई। तीन दिवसीय एयर शो के पहले दिन चेन पुलिंग की घटना सामने आने के बाद रेलवे अधिकारी सतर्क हो गए थे। ऐसे में वीवीआईपी कार्यक्रम के दौरान ट्रेनों के परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी गई। एयर शो के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए सड़क यातायात और पार्किंग व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने की कोशिश की गई। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे आयोजन के दौरान सतर्क रहीं।
पायलट बोले- हवा में बिताया हर पल हमारे लिए खास
नमो घाट पर एयर शो के दौरान वायुसेना के पायलट स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह, गौतम त्यागी और भावेश शर्मा ने मीडिया से बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। भावेश शर्मा ने कहा कि विमान उड़ाते हुए हवा में बिताया हर पल उनके लिए खास है। उन्होंने बताया कि अब तक विमान उड़ाने के करीब 1600 घंटे का अनुभव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2014 में कमीशंड होने के बाद उन्हें भारतीय वायुसेना की विभिन्न गतिविधियों का हिस्सा बनने का अवसर मिला। पायलटों के लिए विमान उड़ाना केवल तकनीकी दक्षता का काम नहीं, बल्कि अनुशासन, अभ्यास और जिम्मेदारी से जुड़ा अनुभव भी है। एयर शो में उनके प्रदर्शन ने दर्शकों को भारतीय वायुसेना की क्षमता और कौशल की झलक दिखाई।
काशी एयर शो में राफेल से तेजस तक, लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने दिखाया दम
वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित एयर शो में भारतीय वायुसेना और नौसेना के विभिन्न विमानों और हेलीकॉप्टरों की क्षमता की झलक देखने को मिली। प्रदर्शन सूची में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान शामिल रहे। हेलीकॉप्टरों में अपाचे, चिनूक, प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर, एएलएच मार्क-III और मार्क-IV, चेतक, एमआई-17 वी5 और कामोव-31 शामिल थे।
परिवहन और सहायक विमानों में सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130 हरक्यूलिस, सी-295, एएन-32 और डोर्नियर के साथ नेत्र निगरानी प्रणाली वाला एईडब्ल्यूएंडसी विमान, हवा में ईंधन भरने वाला आईएल-78 और नौसेना का पी-8आई भी सूची में शामिल रहा।
एयर शो में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने प्रशिक्षण विमानों से रोमांचक हवाई करतब दिखाए। वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने सटीक फॉर्मेशन के जरिए दर्शकों का ध्यान खींचा। ऐतिहासिक हार्वर्ड विमान भी प्रदर्शन सूची का हिस्सा रहा। विमानों और हेलीकॉप्टरों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बनाया और दर्शकों को भारतीय सैन्य विमानन की विविध क्षमताओं से रूबरू कराया।
शामिल थे इतने विमान
लड़ाकू विमान – 52
परिवहन विमान – 15
हेलीकॉप्टर – 32
ऐतिहासिक विमान – 1
कुल 100