डोनाल्ड ट्रंप: होर्मुज को ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ कहकर चर्चा में अमेरिकी राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ कह दिया, जिसके बाद यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

बयान के बाद दी सफाई
फ्लोरिडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा “उन्हें स्ट्रेट ऑफ ट्रंप खोलना होगा… मेरा मतलब होर्मुज है। माफ कीजिए, यह एक गलती थी। लेकिन फेक न्यूज इसे दुर्घटना बताएगी। मेरे साथ कोई दुर्घटना नहीं होती।’ उनका यह बयान तुरंत सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में वायरल हो गया।

ईरान पर दबाव और बातचीत का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय भारी दबाव में है और समझौता करने के लिए तैयार है। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने तेल के कई शिपमेंट भेजे हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘वे समझौते के लिए बेताब हैं’, जिससे यह संकेत मिलता है कि कूटनीतिक स्तर पर हल निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

ट्रंप ने फिर दी चेतावनी
ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सख्त चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को नहीं खोला गया, तो अमेरिका कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, उन्होंने बातचीत को प्राथमिकता देते हुए डेडलाइन को बढ़ाकर 6 अप्रैल तक कर दिया है, जिससे यह साफ है कि अमेरिका अभी भी कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कर रहा है।

‘मैं एक महान शांति दूत के रूप में याद किया जाना चाहता हूं’ 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह चाहते हैं कि इतिहास में उनकी पहचान एक महान शांति दूत के रूप में बने। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दुनिया में कई बड़े संघर्षों को खत्म कराने में भूमिका निभाई, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भी शामिल है।

और पढ़े  अखिलेश के बयान पर विरोध में उतरी BJP: सीएम धामी बोले, उत्तराखंड के अपमान पर सार्वजनिक रूप से मांगें माफी

मियामी में आयोजित फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट के दौरान अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि वह अभी भी विभिन्न देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं और उम्मीद है कि सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि Iran के साथ किसी भी समझौते के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना जरूरी शर्त है, ताकि तेल आपूर्ति सामान्य हो सके।

भारत-पाक को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने दोहराया कि उन्होंने आठ बड़े संघर्षों को रोकने में मदद की, जिनमें आर्मेनिया-अजरबैजान, कांगो-रवांडा, कंबोडिया-थाईलैंड, मिस्र-इथियोपिया, सर्बिया-कोसोवो और इजरायल-हमास जैसे विवाद शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भले ही अभी यह साफ न दिखे, लेकिन उन्हें विश्वास है कि वह एक शांति स्थापित करने वाले नेता हैं।

भारत और पाकिस्तान का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच हालात युद्ध जैसे हो गए थे और उन्होंने सख्त आर्थिक चेतावनी देकर इस संघर्ष को रुकवाया। उनके अनुसार, टैरिफ लगाने की चेतावनी के बाद दोनों देश पीछे हट गए।

ईरान और सैन्य कार्रवाई पर बयान
ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा कि पिछले कई दशकों से वह पश्चिम एशिया में अस्थिरता का कारण रहा है, लेकिन अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद उसकी स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो ईरान जल्द ही परमाणु हथियार हासिल कर सकता था। हालांकि, उन्होंने इस कार्रवाई को “युद्ध” कहने से बचते हुए इसे एक सैन्य ऑपरेशन बताया।

NATO पर भी साधा निशाना
ट्रंप ने नाटो की आलोचना करते हुए कहा कि यह संगठन अमेरिका की अपेक्षा के अनुसार सहयोग नहीं करता। उनके अनुसार, अमेरिका हमेशा नाटो का समर्थन करता है, लेकिन बदले में उसे पर्याप्त मदद नहीं मिलती। इसके अलावा, ट्रंप ने क्यूबा को लेकर भी इशारा किया और कहा कि भविष्य में वहां भी कार्रवाई हो सकती है, हालांकि उन्होंने बाद में मीडिया से इस बयान को नजरअंदाज करने की बात कही।

  • Related Posts

    देहारदून: यूकेडी ने विधानसभा चुनाव के लिए 16 सीटों पर प्रत्याशियों का किया एलान, जानिए किसे कहां से मिला टिकट

    उत्तराखंड क्रांति दल ने विधानसभा चुनाव 2017 के लिए 16 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। प्रेस क्लब में मीडिया से वार्ता करते हुए दल के केंद्रीय अध्यक्ष…

    बदरीनाथ हेलिकॉप्टर हादसा: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया गहरा दुख, बोले-सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    ज्योतिष्पीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ जी महाराज ने बदरीनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हुई मौत पर गहरा दुख जताया।…