किताबों से सजाई UPSC छात्र की चिता- अमृता ने प्रेमी के शव को बेड पर लिटाया, डाली शराब-घी, टुकड़ों में मिली लाश

Spread the love

तिमारपुर के गांधी विहार इलाके में यूपीएससी के छात्र रामकेश मीणा हत्याकांड को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। सबूत मिटाने के लिए हत्यारोपी अमृता चौहान ने अपनी फोरेंसिक साइंस की पढ़ाई के सारे तिगड़म शव ठिकाने लगाने में लगाए। हत्या से पहले अमृता ने सुमित के साथ मिलकर कई क्राइम वेब सीरीज देखीं ताकि फंसने की कोई गुंजाइश न रहें। लेकिन उनकी हर तिकड़म की मुखबिरी उनकी मोबाइल फोन की लोकेशन ने कर दी।

लिव-इन पार्टनर और प्रेमी रामकेश की हत्या के बाद करीब 6:30 घंटे तक अमृता और सुमित शव ठिकाने लगाने में जुटे रहे। आरोपियों ने पीटने के बाद रामकेश की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। बाद में शव को बेड पर लिटा दिया। रसोई से घी-रिफाइंड लाकर शव पर डाला। इसके बाद फ्लैट में रखी मोटी-मोटी किताबों से शव की चिता सजाई गई। कमरे में रखी शराब की पूरी बोतल किताबों पर डाल दी गई।

अमृता का पूर्व प्रेमी सुमित मुरादाबाद में गैस वितरक है। उसे अच्छी तरह पता था कि सिलिंडर में आग लगाकर कैसे उसमें धमाका किया जाता है। आरोपी ने रसोई से सिलिंडर बाहर निकाला। बाद में उसका पाइप हटाकर सिलिंडर को रामकेश के सिर के पास रख दिया। बेहद धीमी गति से सिलिंडर में लगे रेग्यूलेटर को खोल दिया गया। पूरी तैयारी के बाद अमृता और सुमित कश्यप फ्लैट के मेन गेट पर पहुंचे। यह लोहे का जाली वाला दरवाजा था। हादसा असली लगे इसलिए कुंडी के पास लगी लोहे की जाली को बाहर से हटाकर अंदर से कुंडी बंद कर दी गई। बाद में जाली को वापस अपनी जगह पर कर दिया गया।

और पढ़े  सुप्रीमकोर्ट की सख्त टिप्पणी: न्यायिक फैसलों में एआई का इस्तेमाल नहीं होगा बर्दाश्त, NCLT का आदेश किया रद्द

कुछ देर बाहर खड़े रहने के बाद सुमित ने लाइटर से कमरे के भीतर आग लगा दी। बाद में दोनों ने अपने चेहरे ढके और रात करीब 2:57 बजे फ्लैट से निकल गए। इनके जाने के बाद रामकेश का फ्लैट धू-धू कर जलने लगा और कुछ ही देर बाद एलपीजी सिलिंडर में ब्लास्ट हो गया। इससे रामकेश के शव के टुकड़े-टुकड़े हो गए। पुलिस और दमकल की गाड़ियां वहां पहुंची। आग पर काबू पाया गया तो अंदर रामकेश के शव के अवशेष मिले। पुलिस को शुरुआती जांच में लगा कि शायद कमरे में खुद आग लगने से हादसा हुआ। क्राइम टीम और एफएसएल को मौके पर बुलाया गया और छानबीन हुई।

फोरेंसिक टीम को शक तो खंगाली गई सीसीटीवी फुटेज…
रसोई के बजाय कमरे में सिलिंडर के टुकड़े देखकर फोरेंसिक टीम को शक हुआ। रामकेश के परिजनों ने भी हादसे पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने इस आधार पर सीसीटीवी की पड़ताल की तो पता चला कि रामकेश के फ्लैट में 5 अक्तूबर की रात 8:30 बजे दो युवक गए थे। करीब 39 मिनट बाद एक युवक मुंह ढके हुए बाहर भागता हुआ देखा गया। फुटेज में दिखा की आग लगने के बाद कुछ देर बाद करीब 2:57 बजे दो लोग मुंह ढककर बाहर आते दिखे। इनमें एक अमृता लग रही थी। पुलिस ने अमृता के मोबाइल फोन की लोकेशन खंगाली तो पता चला कि घटना के समय वह फ्लैट की ही थी। इस आधार पर पुलिस को अमृता पर शक हुआ।

 

लगातार बंद आ रहा था अमृता का मोबाइल फोन…
शक के आधार पर पुलिस ने अमृता के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई। उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा था। इंस्पेक्टर पंकज तोमर की टीम ने अमृता की तलाश शुरू की। पीतल नगरी, मुरादाबाद में उसके घर, रिश्तेदारों के यहां छापेमारी की गई। जांच में पता चला कि अमृता दिल्ली के छतरपुर में छिपी है। टीम वहां पहुंची तो वह निकल गई।

और पढ़े  Delhi- ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, इनमें दो विदेशी

बाद में 18 अक्तूबर को सबसे पहले अमृता को मुरादाबाद से दबोच लिया गया। उससे पूछताछ के बाद हत्याकांड से पर्दा उठ गया। बाद में 21 को मुरादाबाद से ही सुमित कश्यप और 23 अक्तूबर को संदीप कुमार को दबोच लिया गया। तीनों को दो-दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। बाद में अदालत में पेश कर इनको जेल भेज दिया गया।

रामकेश की शर्ट पहनकर निकली थी अमृता…
रामकेश और अमृता की मुलाकात मई 2025 में हुई थी। दोनों की बातचीत जल्द ही प्यार में बदल गई। अमृता ने रामकेश के साथ लिवइन में रहना शुरू कर दिया। रामकेश ने अमृता के साथ कुछ अंतरंग वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करके अपने पास हार्ड डिस्क में रख लिए। अमृता को पता चला तो उसने इनको डिलीट करने के लिए कहा। कई बार अमृता ने उससे यह मांगे भी, लेकिन वह कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टाल देता था। यह बात अमृता को हजम नहीं हो रही थी। अमृता ने यह बात अपने पूर्व प्रेमी सुमित को बताई। रामकेश की हत्या की योजना बना ली गई। सुमित ने बिना बताए अपने दोस्त संदीप को दिल्ली बुला लिया।

वारदात के समय अमृता पहले से फ्लैट में मौजूद थी। रात 8.30 बजे सुमित व संदीप उसके फ्लैट पर पहुंचे। पिटाई लगाने के बाद रामकेश की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। संदीप हत्या के फौरन बाद 39 मिनट बाद वहां से निकल गया। बाद में अमृता और सुमित ने फ्लैट की तलाशी लेकर हार्ड डिस्क बरामद करने के बाद वहां मौजूद दोनों लैपटॉप भी ले लिए गए। अमृता ने रामकेश के ट्रॉली बैग में अपने कपड़े भर लिए। बाद में ट्रॉली बैग, दो लैपटॉप और बाकी सामान के साथ वहां से निकल गए।

और पढ़े  श्यामा प्रसाद मुखर्जी- 370 हटाना सच्ची श्रद्धांजलि', श्यामा प्रसाद की जयंती पर PM मोदी ने किया याद

मृतक और आरोपियों के प्रोफाइल…
मृतक रामकेश मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला था। इसके परिवार में माता-पिता व भाई है। रामकेश ने द्वारका के एक नामी कॉलेज से बीटेक किया था। वह तिमारपुर के गांधी विहार में चौथी मंजिल पर फ्लैट लेकर किराए पर रह रहा था। मुख्य आरोपी अमृता मूलरूप से पीतल नगरी, मुरादाबाद ही रहने वाली है।

उसने दिल्ली के एक कॉलेज से फोरेंसिक साइंस से बीएससी की है। अभी उसने बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया हुआ है। वहीं सुमित अमृता का पूर्व प्रेमी है। वह मुरादाबाद की वाल्मीकि बस्ती, बंगला गांव, नागफनी मुरादाबाद का रहने वाला है। यह मुरादाबाद में एलपीजी गैस वितरक है।

वहीं संदीप सुमित का गहरा दोस्त है। वह भी वाल्मीकि बस्ती, बंगला गांव, नागफनी मुरादाबाद का रहने वाला है। ग्रेजुएशन करने के बाद वह एसएससी और सीजीएल की तैयारी कर रहा है। संदीप का दावा है कि उसे बस हार्ड डिस्क बरामद करने की बात कर लाया गया था। उसे नहीं पता था कि वह रामकेश की हत्या करने वाले हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    अमित शाह का बड़ा एलान- भारत टैक्सी की तर्ज पर शुरू होगी नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी

    Spread the love

    Spread the loveदेश के सहकारिता आंदोलन को नया जीवन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक नीतिगत पहल की है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री…


    Spread the love

    पहलगाम आतंकी हमला: NIA ने पेश की पूरक चार्जशीट, हाफिज सईद को बनाया आरोपी, लश्कर प्रमुख पर क्या-क्या आरोप?

    Spread the love

    Spread the loveराष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को अपनी…


    Spread the love