यूपी News: UP कैबिनेट के 30 बड़े फैसले, लखनऊ में नगर आयुक्त कार्यालय की कुर्की, सिलिंडरों के लिए मारामारी

Spread the love

यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। 31 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जबकि तीन प्रस्तावों को होल्ड पर रखा गया। बैठक में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब किसी भी संपत्ति को बेचने से पहले विक्रेता का नाम खतौनी में मिलान किया जाएगा। यदि नाम अलग पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा।

 

सरकार ने सर्किल रेट पर एक प्रतिशत शुल्क और विकास शुल्क के दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया है। पहले यह राशि यूसी जारी होने के बाद निकायों को दी जाती थी, जिसे अब छमाही आधार पर जारी किया जाएगा।

परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्ताव के तहत सीएम ग्राम परिवहन योजना 2026 को स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। जिन 12,200 गांवों में अब तक बस सेवा नहीं थी, वहां भी 28 सीटर बसें चलाई जाएंगी। बस सेवा टैक्स फ्री होगी और निजी क्षेत्र को भी संचालन की अनुमति दी जाएगी। 

संचालन का अनुबंध 10 वर्ष का होगा

ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत बसों की औसत आयु 15 वर्ष तय की गई है, जबकि संचालन का अनुबंध 10 वर्ष का होगा। योजना के तहत बस सेवा को पहली बार परमिट, अनुबंध और टैक्स से मुक्त रखा जाएगा। सरकार के अनुसार करीब 5000 ऐसे गांव हैं जहां अब तक कभी बस नहीं पहुंची। शुरुआत में हर रूट पर दो बसें चलाई जाएंगी।

और पढ़े  अयोध्या- पर्यावरण दिवस पर 85 शक्ति केंद्रों पर भाजपाईयों ने लगाए गए पौधे

वहीं मोटर व्हीकल कानून में संशोधन कर केंद्र सरकार के नियमों को अपनाया जाएगा। इसके तहत Ola और Uber जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म को राज्य में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ड्राइवरों की फिटनेस जांच, मेडिकल टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी किया जाएगा।

एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये और लाइसेंस फीस 5 लाख रुपये तय की गई है। लाइसेंस का नवीनीकरण हर पांच साल में 5 हजार रुपये शुल्क के साथ होगा। सरकार खुद का परिवहन ऐप भी विकसित करेगी, जिसमें ड्राइवरों की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी और उनकी ट्रेनिंग भी कराई जाएगी।

शहरी आवास की सीमा बढ़ी, कर्मचारियों के निवेश नियम सख्त

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 22 वर्गमीटर तक के आवास की लागत सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई है। अब 30 वर्गमीटर तक मकान का निर्माण किया जा सकेगा। इसमें 1 लाख रुपये राज्य सरकार और 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी।

सरकार ने कांशीराम आवास योजना के खाली पड़े मकानों की मरम्मत और रंगाई-पुताई कराकर उन्हें दलित परिवारों को देने का फैसला किया है। वहीं सरकारी कर्मचारियों की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए यह अनिवार्य किया गया है कि छह माह के मूल वेतन से अधिक निवेश की जानकारी देनी होगी और हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति की घोषणा करनी होगी।

इसके अलावा अयोध्या में खेल परिसर के लिए 2500 वर्गमीटर भूमि नगर निगम को हस्तांतरित करने, कई जिलों में समग्र शहरी योजना लागू करने, कानपुर ट्रांस गंगा सिटी के लिए चार लेन पुल बनाने तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में बांदा और झांसी के डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

और पढ़े  UP- पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर HC ने सरकार से किए सवाल, प्रशासक नियुक्त करने पर उठाया सवाल

शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है। अब अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही इस योजना में कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।

योजना के तहत प्रति शिक्षक लगभग 2479 रुपये का प्रीमियम खर्च आएगा। इस व्यवस्था से प्रदेश के 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। इसके लिए राज्य सरकार पर करीब 31.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

सरकार की इस पहल के तहत निजी अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों को इलाज के लिए अधिक विकल्प मिल सकें और उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।


Spread the love
  • Related Posts

    UP- एक और एनकाउंटर: एक लाख का इनामी भानु प्रताप सिंह एसटीएफ मुठभेड़ में ढेर, दर्ज थे 40 से अधिक मुकदमे

    Spread the love

    Spread the loveप्रयागराज एसटीएफ टीम ने रविवार देर रात अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश व कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। घायल…


    Spread the love

    अयोध्या- राम मंदिर ट्रस्ट पर घोटाले का आरोप, पुलिस को अभी तक नहीं मिली कोई लिखित शिकायत, ट्रस्ट का जवाब।

    Spread the love

    Spread the loveअयोध्या में राम मंदिर से दान के करोड़ों रुपये गायब होने के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारी इस बारे…


    Spread the love