उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन में मंगलवार को हुई घटनाओं पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वे इस बात पर गंभीरता से विचार करेंगे कि क्या वे इस पद के योग्य हैं। उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए गंभीर माहौल बन गया।
जानें दूसरे दिन क्या हुआ
दरअसल, दूसरे दिन मंगलवार को भी इसी मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा हुआ था। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान सपा विधायक सचिन यादव द्वारा उनकी तस्वीर लहराने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए थे। उन्होंने सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया और कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
निष्कासन के बाद सचिन यादव विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में रागिनी सोनकर, अतुल प्रधान सहित 20 से अधिक सपा विधायक भी धरने में शामिल हुए। बाद में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के समझाने पर सचिन यादव ने धरना समाप्त कर दिया।
उधर, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। भाजपा और सपा के विधायक आमने-सामने आ गए, जबकि महिला विधायक भी एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आईं। लगातार हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने सदन में चर्चा कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
जानें पहले दिन क्या हुआ
यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को विधानपरिषद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर हंगामा हो गया। डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद। सपा के लोग बाबर से रिश्तेदारी जोड़ते थे। 1990 में इन्हीं लोगों ने राम भक्तों की हत्या कराई थी।
इस पर सपा MLC नाराज हो गए। वे कुर्सियां छोड़कर वेल में आ गए और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाने लगे। गुस्साए केशव मौर्य ने कहा- सौ चूहे खाकर बिल्ली हज करने को चली है। जवाब में सपा विधायकों ने कहा- आप चढ़ावा चोरी करके हज को चले।
इस पर केशव ने कहा, अयोध्या में भव्य मंदिर देखकर इनकी छाती फट रही है। मथुरा और काशी में भी मंदिर बनकर रहेगा। ऐसे चिल्ला रहे हैं, जैसे इनका दिया हुआ पैसा चोरी हो गया हो। एक रुपया दिया नहीं और चढ़ावा चोरी की बात कर रहे हैं। इतनी बेशर्मी।






