Tariff: 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ की पुष्टि, एलान के बाद ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर

Spread the love

मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए सभी देशों पर नया 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। उन्होंने ओवल ऑफिस से इस संबंध में कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने की जानकारी दी और कहा कि यह टैरिफ लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा। यह फैसला उस समय आया है जब 20 फरवरी 2026 को अदालत ने ट्रंप के व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था। जानकारी के मुताबिक यह ग्लोबल टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा।

 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज ट्रंप ने कहा कि उनकी दलीलों को सही तरह से नहीं सुना गया। उन्होंने फैसले को निराशाजनक बताया और संकेत दिया कि सरकार अन्य कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करेगी। इसी कड़ी में उन्होंने व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन करने की घोषणा की।

 

किन कानूनी प्रावधानों का सहारा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रशासन धारा 301 समेत अन्य प्रावधानों के तहत जांच शुरू कर रहा है। उनका दावा है कि कई देश और कंपनियां अमेरिका के साथ अनुचित व्यापारिक नीतियां अपनाती रही हैं। ऐसे में सख्त कदम जरूरी हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि एक कानूनी रास्ता बंद होता है तो उनके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

भारत समेत सभी देशों पर असर
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत सहित सभी देशों पर यह 10 प्रतिशत नया टैरिफ लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ अगले 150 दिनों तक लागू रहेगा।  ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य अमेरिका को फिर से महान बनाना है और इसके लिए सख्त व्यापार नीति जरूरी है। उन्होंने टैरिफ को अमेरिकी उद्योगों और श्रमिकों की सुरक्षा का मजबूत हथियार बताया। उनके अनुसार, सरकार तेजी से नई रणनीति पर काम कर रही है। इस फैसले से वैश्विक व्यापार में हलचल बढ़ने की आशंका है।

और पढ़े  हाईकोर्ट की टिप्पणी: 'जमीन के कागजात भारत की नागरिकता का प्रमाण नहीं', अदालत के फैसले में और क्या?

क्या था ‘सुप्रीम’ फैसला?
दरअसल, 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के व्यापक वैश्विक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया। इससे उनकी आर्थिक नीतियों को बड़ा झटका लगा। इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी दलीलों को सही तरह से नहीं सुना गया। उन्होंने फैसले को निराशाजनक और हतोत्साहित करने वाला बताया। ट्रंप ने यहां तक कहा कि उन्हें ऐसे निर्णय की उम्मीद नहीं थी और फैसला सुनाने वाले कुछ जजों के रवैये पर भी सवाल उठाए।


Spread the love
  • Related Posts

    बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा प्रकरण: आरोपी राजेंद्र चौहान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    Spread the love

    Spread the loveबदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की धनराशि और दान सामग्री की चोरी के मामले में पुलिस ने पूर्व मंदिर अधिकारी व तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेंद्र चौहान को…


    Spread the love

    15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट,जानिए दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?

    Spread the love

    Spread the loveभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के…


    Spread the love