भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने मंगलवार को दिसंबर 2025 तिमाही के आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में डिजिटल क्रांति अब हर घर तक पहुंच रही है। सितंबर 2025 में जहां इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगभग 101.78 करोड़ थी, वहीं दिसंबर खत्म होते-होते यह बढ़कर 102.86 करोड़ हो गई है।
इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी मोबाइल इंटरनेट की है। कुल यूजर्स में से करीब 98.32 करोड़ लोग मोबाइल के जरिए इंटरनेट चला रहे हैं, जबकि 4.53 करोड़ लोग वायर वाले ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि हाई-स्पीड डेटा यानी ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या भी अब 100 करोड़ के पार निकल गई है।
टेली-डेंसिटी में बड़ा सुधार: 91% के पार पहुंचा आंकड़ा
रिपोर्ट में फोन कनेक्शनों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई है। कुल टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 122.89 करोड़ से बढ़कर 130.61 करोड़ हो गई है। यानी तीन महीनों में करीब 6.28% की ग्रोथ हुई है।
टेली-डेंसिटी की बात करें तो देश की कुल आबादी के मुकाबले फोन कनेक्शनों का अनुपात भी सुधरकर 91.74% हो गया है, जो पहले 86.65% था। वहीं, मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस इस्तेमाल करने वाले वायरलेस यूजर्स की संख्या अब 125.87 करोड़ पहुंच गई है।
कंपनियों का मुनाफा भी बढ़ा
टेलीकॉम सेक्टर की माली हालत में भी सुधार देखने को मिला है। कंपनियों की कुल कमाई इस तिमाही में 1,02,475 करोड़ रुपये रही। वहीं, प्रति ग्राहक होने वाली औसत मासिक कमाई (ARPU) भी ₹190.99 से बढ़कर ₹194.57 हो गई है। इससे साफ है कि ग्राहक अब बेहतर सेवाओं के लिए ज्यादा खर्च करने को भी तैयार हैं।
टीवी चैनल्स का हाल
ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर की बात करें तो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अब तक 920 प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों को मंजूरी दी है। इनमें से 335 चैनल पे-टीवी हैं, जबकि बाकी सभी फ्री-टू-एयर हैं।









