दिल्ली विवि में कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, समय पर न आने वालों पर कार्रवाई की चेतानी

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विश्वविद्यालय ने एक आदेश जारी किया है जिसमें सभी कर्मचारियों को आधार-आधारित बायोमेट्रिक मशीन से अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही काम का समय सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक तय किया गया है, जिसमें 30 मिनट का लंच ब्रेक भी शामिल है, यानी कुल 8 घंटे 30 मिनट काम करना होगा।

 

कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे विभागों में सुचारू कार्यप्रवाह सुनिश्चित करने के लिए दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे के बीच लंच करें।

 

समय पालन और छूट का नया नियम

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि इस कदम का उद्देश्य समय की पाबंदी को मजबूत करना और संस्थान में बेहतर कार्यक्षमता सुनिश्चित करना है। सभी कर्मचारियों के लिए निर्धारित समय का पालन करना अनिवार्य होगा।

हालांकि, यातायात जाम और सार्वजनिक परिवहन में देरी जैसी समस्याओं को देखते हुए कुछ विभागों की मांग पर विचार किया गया है। इसके तहत कर्मचारियों को सुबह 9:30 बजे तक पहुंचने की सीमित छूट दी गई है, लेकिन यह छूट कुछ शर्तों के साथ लागू होगी। 

उपस्थिति नियमों में सख्ती और कड़ा अनुपालन

सुबह 9:10 से 9:30 बजे के बीच हाजिरी लगाने वाले कर्मचारियों को निर्धारित कार्य अवधि पूरी करने के लिए उसी दिन अतिरिक्त घंटे काम करके देरी की भरपाई करनी होगी। हालांकि, सुबह 9:30 बजे के बाद हाजिरी लगाने वालों को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, जिसमें उनकी छुट्टी में से आधे दिन या पूरे दिन की छुट्टी की कटौती शामिल है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि हाजिरी नियमों में अब और कोई छूट नहीं दी जाएगी। विश्वविद्यालय ने सभी डीन, विभागाध्यक्षों, पुस्तकालयाध्यक्षों और अन्य अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने का निर्देश दिया है।

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यह कदम दिल्ली विश्वविद्यालय में हाजिरी नियमों के सख्त पालन का संकेत देता है, और यह स्पष्ट संदेश देता है कि समय की पाबंदी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।


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