टोल Tax: एनएच पर टोल नहीं चुकाया तो अटक जाएगी एनओसी, सरकार ने नए नियम की जारी की अधिसूचना

राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर फीस) के भुगतान को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने ‘केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026’ अधिसूचित किए हैं। इन नियमों के जरिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में अहम बदलाव किए गए हैं। संशोधनों का मकसद यूजर फीस के पालन को बेहतर बनाना, इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) की दक्षता बढ़ाना और टोल चोरी को हतोत्साहित करना है।

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि यदि कोई वाहन चालक राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर टोल या यूजर फीस का भुगतान नहीं करता है, तो उसे वाहन से जुड़ी कई अहम सेवाओं के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं मिलेगा।

किन सेवाओं के लिए NOC रोका जा सकता है?
इन संशोधनों के तहत अब राष्ट्रीय राजमार्ग पर बकाया यूजर फीस को सीधे वाहन से जुड़ी सेवाओं से जोड़ दिया गया है। नियमों के अनुसार:

  • वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण या एक राज्य से दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) तब तक जारी नहीं किया जाएगा, जब तक बकाया यूजर फीस का भुगतान नहीं हो जाता।
  • किसी भी वाहन के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट का नवीनीकरण या नया सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा, अगर टोल की बकाया राशि बाकी है।
  • नेशनल परमिट के लिए आवेदन करने वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वाहन पर कोई भी अनपेड यूजर फीस न हो।
और पढ़े  जेल में बिगड़ी मादुरो की पत्नी की सेहत: 11 किलो वजन घटा, दिल की बीमारी के बीच घर में नजरबंदी की मांग क्यों?

यानी टोल बकाया अब सीधे तौर पर वाहन से जुड़े कानूनी कामों को प्रभावित करेगा।

MLFF लागू होने से पहले नियम क्यों सख्त किए गए हैं?
यह अधिसूचना ऐसे समय पर आई है, जब देश में मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) यानी बैरियर-फ्री टोलिंग को लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है।

  • MLFF के तहत टोल प्लाजा पर कोई फिजिकल बैरियर नहीं होगा
  • वाहन बिना रुके गुजरेंगे और टोल डिजिटल तरीके से कटेगा

सरकार का मानना है कि बैरियर-फ्री सिस्टम में टोल न चुकाने की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए एनओसी को इससे जोड़कर अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

किन हाईवे सेक्शनों पर MLFF का काम लगभग पूरा हो चुका है?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, MLFF का काम कई अहम राष्ट्रीय राजमार्गों पर अंतिम चरण में है। इनमें शामिल हैं:

  • दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मनोहरपुर और शाहजहांपुर
  • NH-48 के सूरत-वडोदरा सेक्शन पर चोरासी
  • दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर घरौंदा

इन जगहों पर बैरियर-फ्री टोलिंग जल्द शुरू होने की संभावना है।

‘अनपेड यूजर फीस’ का मतलब क्या होगा?
अधिसूचना में “अनपेड यूजर फीस” को साफ तौर पर परिभाषित किया गया है।

  • यदि इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम यह रिकॉर्ड करता है कि कोई वाहन NH के किसी सेक्शन से गुजरा है
  • लेकिन उस वाहन से संबंधित टोल राशि सिस्टम को प्राप्त नहीं हुई है
  • तो उसे अनपेड यूजर फीस माना जाएगा।
  • यही बकाया राशि आगे चलकर एनओसी से लिंक कर दी जाएगी।

यानी, जहां ETC सिस्टम ने वाहन की आवाजाही दर्ज कर ली हो। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के अनुसार संबंधित शुल्क प्राप्त नहीं हुआ हो।

और पढ़े  यह मेरी आखिरी मुलाकात हो सकती है': मुंबई मार्च से पहले भावुक हुए मनोज जरांगे, अपील करते हुए क्या-क्या कहा?
क्या गलती या विवाद होने पर शिकायत का मौका मिलेगा?
सरकार ने यह भी साफ किया है कि वाहन मालिकों को सीधे सजा नहीं दी जाएगी।

  • जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा
  • जहां लोग टोल से जुड़े विवादों या गलत चार्ज की शिकायत दर्ज करा सकेंगे
  • अधिकारियों के मुताबिक,
  • एनओसी रोकने जैसी कार्रवाई से पहले
  • बकाया निपटाने और शिकायत सुलझाने का पूरा मौका दिया जाएगा
इस फैसले का असली मकसद क्या है?
सरकार का उद्देश्य:

  • डिजिटल टोल कलेक्शन को मजबूत करना
  • MLFF लागू होने के बाद टोल चोरी रोकना
  • और यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल करने वाला हर वाहन उचित शुल्क चुकाए

इन नए नियमों के साथ सरकार का साफ संदेश है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान से बचना अब आसान नहीं होगा। बकाया टोल का असर सीधे वाहन से जुड़ी अहम सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे यूजर फीस का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

  • Related Posts

    किशाऊ बांध: 579 करोड़ खर्च कर 836.39 क्यूसेक पानी लेगा हरियाणा, अमित शाह की मौजूदगी में आज परियोजना पर समझौता

    किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को छह राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इससे हरियाणा को सिंचाई के लिए 836.39 क्यूसेक पानी मिलेगा। इस परियोजना के…

    ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका- मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति का बैन निरस्त, डाक मतपत्र मामले में क्या निर्णय?

    सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मेल मतपत्र प्रतिबंधों को फिलहाल खारिज कर दिया। इस निर्णय से राज्यों को अपनी पुरानी मेल मतपत्र प्रक्रियाओं को जारी रखने…