G7 Summit Evian- आज पीएम मोदी जी7 देशों के सम्मेलन में शरीक होंगे, चीन के बढ़ते निर्यात पर होगी चर्चा, यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर इसके असर का मुद्दा भी उठेगा

प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन में आज से शुरू हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह उनकी दो देशों की यात्रा का तीसरा चरण है। दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत करेंगे। मोदी शिखर सम्मेलन के एक कार्य सत्र में शामिल होंगे। सत्र का विषय ‘नई साझेदारी बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ है। इसमें जी7 देशों के नेता और भागीदार देश शामिल होंगे। विश्व बैंक तथा अफ्रीकी विकास बैंक के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

कई देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकों की योजना, कार्नी-स्टार्मर से मुलाकात
जी7 देशों की बैठक के इतर प्रधानमंत्री कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। वे कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मिलेंगे। यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से भी उनकी मुलाकात होगी। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बातचीत करेंगे। बाद में, वे फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे।

 

चीन के बढ़ते निर्यात पर होगी चर्चा, इसका यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर असर का मुद्दा उठाएंगे मैक्रों

जी7 शिखर सम्मेलन 2026 में आज चीन के बढ़ते निर्यात और उसके यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस विषय पर सदस्य देशों के नेताओं के सामने अपनी चिंताएं रख सकते हैं। इस वर्ष की शुरुआत में मैक्रों ने चेतावनी दी थी कि चीन से होने वाला निर्यात यूरोप के बड़े हिस्से के उद्योगों को लगभग खत्म कर रहा है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि इस खतरे को समझने में यूरोप ने काफी देर कर दी।

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इस बीच, यूरोपीय सहयोगी देशों की कोशिश है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूरोपीय संघ (EU) और कनाडा जैसे पारंपरिक सहयोगियों पर दंडात्मक शुल्क (टैरिफ) लगाने की नीति से पीछे हटने के लिए राजी किया जाए। यूरोपीय देशों का मानना है कि अमेरिका को अपने सहयोगी देशों के साथ व्यापारिक टकराव बढ़ाने के बजाय चीन से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों का संयुक्त रूप से मुकाबला करना चाहिए। इसी रणनीति के तहत जी7 बैठक में ट्रंप प्रशासन पर सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करने का दबाव बनाया जा सकता है।

 

 

 

जी7 सम्मेलन में भारत की भागीदारी क्यों अहम है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर एवियन पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान अहम द्विपक्षीय विषयों पर संवाद के अलावा वैश्विक मुद्दों पर भी व्यापक मंथन होने की उम्मीद है। भारत की जी7 शिखर सम्मेलन में 13वीं बार भागीदारी कर रहा है। प्रधानमंत्री लगातार 7वीं बार सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं। सरकार के मुताबिक जी7 में भारत की नियमित भागीदारी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में नई दिल्ली की भूमिका को दर्शाती है।

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