भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का रुट: जींद से सोनीपत… 89 किमी में सात स्टेशन और किराया 25 रुपये

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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से चलकर सोनीपत तक कुल 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस सफर में सोनीपत तक कुल छह स्टेशनों पर ठहराव होगा। ट्रेन का किराया न्यूनतम पांच रुपये से 25 रुपये तक रहेगा। इस सफर को यह केवल एक घंटे में पूरा करेगी। अभी जींद से सोनीपत तक चलने वाली डीएमयू ट्रेन दो घंटे लेती है। सड़क मार्ग से डेढ़ घंटे तक लगते हैं।

किफायती, तेज व सुविधाजनक सफर
हाइड्रोजन गैस से चलने वाली इस ट्रेन से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आम यात्रियों को भी किफायती, तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए यह ट्रेन बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

 

यह ट्रेन जींद जंक्शन से चलकर जींद सिटी, उसके बाद पांडु-पिंडारा जंक्शन, भंभेवा, गोहाना जंक्शन, मोहाना हरियाणा और उसके बाद सोनीपत जंक्शन पर ठहराव होगा।

प्रदूषण मुक्त होगी ट्रेन
पर्यावरण के लिहाज से भी यह ट्रेन एक बड़ी पहल मानी जा रही है। ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त होगी। इसमें डीजल या अन्य जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं किया जाएगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के कोच आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।

यह ट्रेन पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित की गई है। ब्रॉड गेज लाइन पर चलने वाली यह दुनिया की सबसे लंबी (10 कोच) और सबसे शक्तिशाली (2400 किलोवाट) हाइड्रोजन ट्रेन है।
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यह ट्रेन एक बार में 2500 यात्रियों को ले जा सकती है। 360 किलो हाइड्रोजन से 180 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है। यानी एक किलोमीटर की दूरी तय करने में दो किलो हाइड्रोजन खर्च होगी। दूसरी तरफ डीजल गाड़ी साढ़े चार लीटर में एक किलोमीटर चलती है।

इसकी अधिकतम स्पीड 140 किमी प्रति घंटा है। 1,200 हॉर्स पावर यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। इस पर 82 करोड़ रुपये लागत आई है।

भारत हाइड्रोजन ट्रेन वाला आठवां देश
ट्रेन के कोच चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में तैयार किए गए हैं। इसका परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, फ्रांस, स्वीडन के बाद हाड्रोजन ट्रेन वाला भारत आठवां देश बन गया है। ट्रेन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को सुविधा, सुरक्षा व बेहतर सफर का नया अनुभव मिल सके। ट्रेन-सेट में दो ड्राइविंग पावर कार (डीपीसी) शामिल हैं। इनमें प्रत्येक की क्षमता 1200 किलोवाट व कुल मिलाकर 2400 किलोवाट शक्ति के साथ 8 यात्री कोच लगाए गए हैं।

स्टेशन (Station) किराया (रुपये में) (Fare in Rs)
जींद सिटी 5
पांडु-पिंडारा 5
भंभेवा 10
गोहाना जंक्शन 15
मोहाना हरियाणा 20
सोनीपत जं. 25

अभी तक ट्रेन का बीट चार्ट नहीं आया है। वैसे इस ट्रेन में डीएमयू के हिसाब से ही टिकट लेनी होगी। इसका ठहराव भी छह जगह होगा।-धीरज बुटानी, अधीक्षक, व्यावसायिक, रेलवे जंक्शन जींद।

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