विक्रमशिला एक्सप्रेस में बम की अफवाह फैलाने वाला गिरफ्तार, बोला- दहशत फैलती तो मजा आता

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विक्रमशिला एक्सप्रेस ट्रेन में आतंकवादी व बम होने की फर्जी सूचना मोबाइल फोन पर देने वाले को देर रात जीआरपी ने इटावा से गिरफ्तार कर लिया। पश्चिमी दिल्ली निवासी मोनू उर्फ रामनरेश ने पूछताछ में बताया कि उसने तो केवल मजा लेने के लिए फोन कर दिया था, उसकी सूचना पर ट्रेन रूकती, लोग घबराते तो उसे मजा आता। फिलहाल जीआरपी उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।

 

जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम मोनू उर्फ रामनरेश निवासी एच- 22 जेजे काॅलोनी, घेबरा, पश्चिम दिल्ली बताया है। उसने कुछ दिन पहले एक कपड़े की दुकान पर काम किया था तो कुछ दिन पहले कोचिंग सेंटरमें नौकरी की थी। आरोपी को इटावा के भरथना के पास से गिरफ्तार किया गया है। उसने अपने मोबाइल से ही फोन करके ट्रेन में बम और आतंकी होने ककी गलत सूचना दी थी। उसका मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है।

 

प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने मोबाइल से इधर-उधर फोन मिला रहा था। तभी उसके इटावा के जीआरपी थाने का नंबर हाथ लगा। पहले तो उसने मिस कॉल कीं। फिर नंबर डॉयल कर ट्रेन में बम होने की सूचना दे दी। उसे यह नहीं पता था कि वह पकड़ में आ जाएगा।

हैलो, विक्रमशिला एक्सप्रेस में आतंकवादी और बम है

हैलो, विक्रमशिला एक्सप्रेस में कुछ आतंकवादी हैं और बम रखा हुआ है। इसकी सूचना मिलते ही यात्री दहशत में आ गए। अलीगढ़ में ट्रेन को रोकने के बाद कई कोच खाली हो गए थे, उसके बाद सघन चेकिंग की गई।

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बम की सूचना किसी ने 3:19 बजे 139 नंबर पर दी। ट्रेन ने 3:40 बजे इटावा क्रॉस कर लिया, 4:45 बजे टूंडला भी निकल गया, लेकिन चेकिंग नहीं हुई। इटावा जीआरपी थाने के सीयूजी नंबर पर सुबह 5:15 बजे सूचना दी गई। तब जीआरपी ने तत्काल रेलवे कंट्रोल रूम टूंडला को बताया, लेकिन गाड़ी वहां से निकल चुकी थी। 520 बजे कंट्रोल रूम से सभी को संदेश भेजकर अलर्ट कर दिया गया, लेकिन ट्रेन को 5:58 बजे तक चेक करया  गया, जब वह 170 किमी का सफर तय करके अलीगढ़ स्टेशन पर पहुंच चुकी थी। इसी बीच छोटे-बड़े 21 स्टेशन हैं। होना तो यह चाहिए था कि सूचना को गंभीरता से लेते हुए निकटवर्ती स्टेशन पर ट्रेन को रोककर चेक कराया जाता।

 

आरपीएफ के सहायक आयुक्त गुलजार सिंह का कहना है कि सूचना मिलते ही ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन पर रोका गया। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह का कहना है कि ट्रेन में बम की सूचना टूंडला कंट्रोलर को मिली थी। तब तक ट्रेन स्टेशन से गुजर चुकी थी। फिर भी सूचना देने में कहीं देरी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही पर कार्रवाई भी तय होगी।

सप्ताह भर पहले भी मिली थी ट्रेन में बम की खबर

रांची से आनंद विहार जा रही गाड़ी संख्या 02877 पूजा स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन में एक सप्ताह पहले 25 अक्तूबर की देर रात सोशल मीडिया के एक्स अकाउंट पर एक ट्वीट के जरिए बम रखे होने की सूचना मिली थी। हालांकि ट्वीट करने वाले ने बाद में उसे हटा भी दिया था। ट्रेन में बम रखे होने की सूचना पर नॉनस्टॉप ट्रेन को अलीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर रोका गया था। जीआरपी, आरपीएफ, सिविल पुलिस, डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ते ने 40 मिनट तक चेकिंग की थी। सब कुछ सामान्य मिलने पर ट्रेन को गंतव्य को रवाना कर दिया गया था। इस मामले में सहायक स्टेशन मास्टर की ओर से ट्वीट करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ झूठी सूचना देने पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। जीआरपी आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

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