कपाटोद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारनाथ धाम सहित चारों धाम उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान हैं और राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव कराने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं की वह स्वयं नियमित समीक्षा कर रहे हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को उच्च स्तर पर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध समय से सुनिश्चित किए जाएं।
पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा
धाम के पीएम मोदी के नाम से पहली पूजा हुई। वहीं पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की। बाबा केदार के धाम को को करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहले ही धाम पहुंच चुके थे और कपाट खुलने के इस अद्भुत क्षण साक्षी बने। बाबा के कपाट खुलने से हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।
इससे पहले बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली मंगलवार शाम लगभग 4:30 बजे केदारनाथ धाम पहुंची। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से रवाना हुई यह डोली 17 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप से होकर केदारपुरी पहुंची।