बवाल: अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव, डेढ़ घंटे चला उपद्रव, 10 राउंड आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े

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यूपी के बलिया जिले के खेजुरी थाना क्षेत्र के हथौज गांव में मंगलवार को ग्राम सभा की गड़ही से अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम को तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई शुरू होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते पुलिस व ग्रामीण आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को करीब दस राउंड आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, लेकिन सैकड़ों की संख्या में मौजूद महिलाएं और पुरुष डटे रहे।

करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे और टकराव के बाद पहुंचे अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने सरकारी गड़ही पर अवैध रूप से निर्मित दो मकानों को जमींदोज करा दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

 

चार बीघा गड़ही, छह डिसमिल पर कब्जे का आरोप
ग्राम सभा की करीब चार बीघा क्षेत्रफल वाली गड़ही के एक किनारे गांव के रामगोविंद और रामबचन का मकान बना हुआ था। गांव निवासी सिद्धार्थ रंजन ने आरोप लगाया कि दोनों ने करीब छह डिसमिल भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया है। 15-सी की कार्रवाई में अतिक्रमण की पुष्टि भी हुई, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने पर फरवरी 2024 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। दिसंबर 2024 में उच्च न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट आदेश दिया था। आदेश के बावजूद कार्रवाई लंबित रहने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना (कंटेंप्ट) याचिका दाखिल कर दी, जिसकी अगली सुनवाई छह फरवरी को प्रस्तावित है।

सुनवाई से तीन दिन पहले पहुंचा प्रशासन
कंटेंप्ट की सुनवाई से तीन दिन पूर्व मंगलवार को प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। पीड़ित परिवार को पहले ही नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने की सूचना दी गई थी और उन्होंने अपना सामान बाहर निकाल भी लिया था। प्रभारी तहसीलदार एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट देवेंद्र कुमार पाण्डेय, नायब तहसीलदार सीपी यादव, 10 लेखपाल, चार कानूनगो तथा खेजुरी, पकड़ी, मनियर व सिकंदरपुर थाने की पुलिस मौके पर मौजूद रही।

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अधिकारी जब लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, तभी कुछ युवकों ने जेसीबी पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई। अभी अधिकारी और कर्मचारी कुछ समझ पाते ग्रामीणों ने पुलिस और राजस्वकर्मियों पर ईंट-पत्थर चलाने लगे। इसमें कुछ लेखपाल, कानूनगो और पुलिसकर्मी चोटिल भी हो गए। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा, लेकिन विरोध जारी रहा और प्रशासनिक टीम को कुछ समय के लिए पीछे हटना पड़ा।

अतिरिक्त बल पहुंचते ही पलटा माहौल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ खेजुरी मिथिलेश कुमार ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए अतिरिक्त बल की मांग की। करीब डेढ़ घंटे बाद सुखपुरा और गड़वार थाने की पुलिस तथा पीएसी बटालियन के पहुंचने पर दोबारा कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान फिर से विरोध का प्रयास हुआ, लेकिन पुलिस बल ने सख्ती दिखाते हुए स्थिति नियंत्रित कर ली और दोनों मकानों को ढहा दिया। सूचना पर एएसपी उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल भी मौके पर पहुंच गए और हालात का जायजा लिया।

उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ग्राम सभा की गड़ही पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाया गया है। गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसके क्रम में आज यह कार्रवाई की गई है। – देवेंद्र कुमार पाण्डेय, प्रभारी तहसीलदार/अपर जिला मजिस्ट्रेट, सिकंदरपुर

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