मध्यप्रदेश पुलिस के दो आरक्षकों ने न केवल खाकी को शर्मसार किया है, बल्कि भरोसे और रिश्तों को भी तार-तार कर दिया। धार जिले में पदस्थ एसएएफ आरक्षक संतोष सेन ने अपने पूर्व साथी की 17 वर्षीय बेटी को दरिंदगी का शिकार बनाया। हैरत की बात यह है कि वारदात के दौरान आरोपी का साथी आरक्षक अपने चार साल के मासूम बेटे के साथ होटल के कमरे के बाहर पहरा देता रहा, ताकि कोई अंदर न आ सके। भोपाल पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपी आरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों आरक्षक किशोरी को जन्मदिन की पार्टी में ले जाने के बजाय एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गए। वहां आरोपी संतोष सेन ने 17 वर्षीय पीड़िता को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। इस दौरान उसका साथी आरक्षक जितेंद्र कमरे के बाहर अपने चार साल के बेटे को साथ लेकर पहरा देता रहा, ताकि कोई कमरे में दाखिल न हो सके। वारदात के बाद रात में आरोपी संतोष, जितेंद्र की कार से पीडि़ता को उसके घर छोड़कर फरार हो गया।
घर पहुंचते ही पीडि़ता ने आपबीती अपने पिता को बताई। परिजन तुरंत पीडि़ता को लेकर कमला नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जीरो पर प्रकरण दर्ज किया।
घटना की शुरुआत लाल परेड मैदान से हुई थी, जो जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में आता है, इसलिए केस डायरी जहांगीराबाद थाने स्थानांतरित की गई। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आरक्षक संतोष सेन और पहरा देने वाले उसके साथी आरक्षक जितेंद्र दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।








