शिक्षिका बर्खास्त- शिक्षिका ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे की 15 साल नौकरी,अब हुई बर्खास्त, शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई

 

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में एक महिला ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 15 वर्ष तक शिक्षक के पद पर नौकरी कर ली। इस फर्जीवाड़े की जब राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो और शिक्षा विभाग के पास शिकायत पहुंची तो महिला ने वर्ष 2021 में नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। हालांकि विभागीय जांच जारी रही। बीते दिन 20 मई को जांच पूरी हुई। आरोप सही साबित होने और अपना गुनाह कबूल करने पर अब विभाग ने संबंधित शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया है।

 

जानिए क्या है पूरा मामला
प्रारंभिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2006 में एक योजना के तहत शिक्षकों की भर्ती हुई थी। हालांकि, वर्ष 2020 में जब योजना के तहत कार्यरत शिक्षकों को नियमित किया गया, तब महिला के दस्तावेजों पर संदेह हुआ। इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब खुद उसके ही परिवार के एक सदस्य ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो और शिक्षा विभाग को शिकायत सौंपी। शिकायत के बाद जांच शुरू हुई। दबाव बढ़ता देख महिला ने वर्ष 2021 में नौकरी से त्यागपत्र दे दिया, लेकिन विभागीय जांच जारी रही। अब आरोप साबित होने पर संबंधित शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक ने माना कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है।

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