कुदरत के कहर के बीच भी अगर इंसानियत जिंदा है, तो उसका सबसे बड़ा उदाहरण रक्षाबंधन पर देखने को मिला। अयोध्या के विकराल बाढ़ प्रभावित इलाकों में वरिष्ठ समाजसेवी एवं ब्लॉक प्रमुख संघ जिलाध्यक्ष शिवेंद्र सिंह सैकड़ों बहनों के लिए उस सच्चे भाई की तरह पहुंचे, जिसने उनके आंसुओं को खुशी में बदल दिया।
जब शहर में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मन रहा था, उसी समय शिवेंद्र सिंह नाव और ट्रैक्टर से होते हुए उन परिवारों तक पहुंचे जो बाढ़ के पानी में अपना सब कुछ खो चुके थे। वहां उन्होंने बहनों को मिठाई, उपहार, नगद धनराशि और पूरे परिवार को राहत सामग्री देकर यह साबित किया कि भाईचारा केवल खून का रिश्ता नहीं, बल्कि दिल से निभाया जाने वाला वादा है।
भावुक होते हुए शिवेंद्र सिंह ने कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से हम यह संकल्प लिए हैं कि आपदा में फंसे हर भाई-बहन तक राहत और खुशियां पहुंचाएं। आने वाले दिनों में यह अभियान और बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।”
स्थानीय लोगों ने कहा कुदरत ने रुलाया, लेकिन भाई ने फिर हंसा दिया।”
इस रक्षाबंधन, शिवेंद्र सिंह सिर्फ एक नाम नहीं रहे, बल्कि उम्मीद, भाईचारे और मानवता की मिसाल बन गए।







