शिवसेना नेता संजय राउत ने शुक्रवार को मुंबई को लेकर बड़ा दावा किया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह मुंबई को एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की साजिश रच रही है। मुंबई को केंद्र शासित राज्य बनाने के प्रयासों के अपने पास सबूत होने का भी राउत ने दावा किया। राउत ने कहा कि इस आशय का एक प्रजेंटेशन भी केंद्रीय गृह मंत्रालय में प्रस्तुत किया गया है।
मुंबई में पत्रकारों से चर्चा में राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया और पार्टी नेताओं, बिल्डरों, व्यापारियों का एक समूह इस साजिश का हिस्सा था। मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बारे में एक प्रस्तुति (इस समूह द्वारा) एमएचए को दी गई है। बैठकें हुई हैं और इस उद्देश्य के लिए धन एकत्र किया जा रहा है। यह सब पिछले दो महीनों से चल रहा है और मैं जो यह कह रहा हूं उसे साबित करने के लिए मेरे पास सबूत हैं। मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) भी इस घटनाक्रम से वाकिफ हैं।
सोमैया जा सकते हैं इस मामलें अदालत
राउत ने दावा किया कि अगले कुछ महीनों में किरीट सोमैया के नेतृत्व वाला समूह यह कहते हुए कोर्ट जा सकता है कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मराठी लोगों का प्रतिशत बहुत कम हो गया है, इसलिए महानगर को केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाना चाहिए। राउत ने कहा कि सोमैया इससे पूर्व मराठी को स्कूलों में अनिवार्य भाषा बनाने के राज्य सरकार के निर्णय को भी चुनौती दे चुके हैं।
बता दें, दशकों तक दोस्त रहे शिवसेना-भाजपा के बीच इन दिनों जबर्दस्त घमासान चल रही है। राउत व सोमैया के बीच जुबानी जंग अदालत तक पहुंच चुकी है। राउत ने सोमैया पर आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए चंदा जुटाने व उसमें धांधली के आरोप लगाए हैं। इस मामले में एक पूर्व सैन्यकर्मी ने मुंबई के ट्रॉम्बे थाने में सोमैया के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया है।








